Thursday, June 17, 2021

जलदाय एवं भू-जल मंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक, प्रदेश में जल संरक्षण के उपायों एवं भावी कार्ययोजना पर गहन मंथन

बीकानेर बुलेटिन




परम्परागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए व्यापक कार्य योजना बनाएं-जलदाय एवं भू-जल मंत्री

जयपुर, 17 जून। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे उपायों और समय की आवश्यकता के अनुरूप आने वाले दिनों में तरीकों और प्रावधानों में आवश्यक बदलाव के मुद्दे पर विचार विमर्श करने के लिए जलदाय एवं भू-जल मंत्री डॉ. बी. डी कल्ला की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। 

बैठक में डॉ. कल्ला ने विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बावड़ी, कुएं और तालाब जैसे परम्परागत जल स्रोतों के संरक्षण के लिए नगरीय विकास तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के स्तर पर व्यापक कार्ययोजना बनाकर सतत रूप से काम करने की जरूरत है। उन्होंने तालाबों की आगोर को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान संचालित करने, पानी की रिसाईक्लिंग, क्रॉपिंग पैटर्न में बदलाव और बूंद-बूंद सिंचाई को बढ़ावा देने के साथ ही सभी नागरिकों को घरों में पानी की बचत और एक-एक बूंद का सदुपयोग करने के लिए जिम्मेदार बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। 

बिल्डिंग बायलॉज में बदलाव पर विमर्श

जलदाय एवं भू-जल मंत्री ने प्रदेश में बिल्डिंग बायलॉज के तहत 300 मीटर या अधिक के भूखण्डों पर बनने वाले मकानों में आवश्यक रूप से वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने के मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा कर इस सीमा को घटाने के बारे में अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में भी वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाने के लिए भूखण्ड के साइज के प्रावधानों में संशोधन तथा पानी को रिसाइकिल करने के लिए अधिक ट्रीटमेंट प्लान स्थापित करने के निर्देश दिए। डॉ. कल्ला ने कहा कि शहरों एवं गांवों में 200 वर्गमीटर पर बनने वाले मकानों की छतों का पानी घर में संरक्षित किया जाए।

शौचालयों में डबल बटन की टंकी लगे

जलदाय एवं भू-जल मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी भवनों एवं परिसर में इस्तेमाल किए जाने वाने टॉयलेट्स में डबल बटन की टंकी लगाई जाए। छोटी आवश्यकता के समय छोटा एवं बड़ी आवश्यकता के समय बड़ा बटन प्रयोग कर जल का मितव्ययता से उपयोग किया जाए तो इस एक तरीके से ही राज्य में रोजाना लाखों लीटर पानी बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी भवनों एवं परिसरों तथा नगरीय विकास एवं आवासन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती विभाग तथा रीको के औद्योगिक क्षेत्रों के सभी शौचालयों में दो बटन की टंकी के प्रावधान को अनिवार्य किया जा सकता है, इसके लिए बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन किए जाए। उन्होंने कहा कि घरों में शौचालय और स्नानघर में गलत तरीकों से जल उपभोग करने से सर्वाधिक पानी का अपव्यय होता है। सभी नागरिकों को अपने घरों में भी जल संरक्षण के लिए ऐसे उपाय और जल के अधिकतम सदुपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। इसके बारे में सभी विभाग ठोस रणनीति बनाकर उस पर अमल करें। गांव एवं शहर के सभी शौचालयों में फ्लश की टंकी डबल बटन वाली लगे तभी पानी की बचत हो सकती है।

किसानों तक पहुंचाएं एग्रीकल्चर रिसर्च के नतीजे

डॉ. कल्ला ने कहा कि प्रदेश में सतही जल स्रोतों से उपलब्ध पानी का अधिकांश हिस्सा खेती के काम आता है। आधुनिक कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान से यह साबित हो चुका है कि कम पानी में अधिक उत्पादन लेकर भूमि की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाया जा सकता है। कृषि विश्वविद्यालयों में होने वाली रिसर्च के ऐसे नतीजों का फायदा प्रदेश के किसानों को दिलाने के लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि नर्मदा कैनाल क्षेत्र में काश्तकारों द्वारा ड्रिप इरिगेशन को अपनाए जाने से जल की बचत और अधिक उत्पादन की दृष्टि से सार्थक नतीजे सामने आए हैं, अन्य क्षेत्रों में भी इसी पैटर्न पर खेती से जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए। 

साझा प्रयासों की आवश्यकता

जलदाय एवं भू-जल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए सभी क्षेत्रों में कई स्तरों पर साझा प्रयासों की आवश्यकता है। इसके लिए सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर और सामूहिक रूप से भी जनजागृति के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने बैठक में प्रदेश में सभी सरकारी भवनों में बने रूफ टॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर को बरसात से पहले दुरूस्त करने के निर्देश दिए।  

विभागों की योजना पर प्रकाश

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री कुंजीलाल मीना ने कहा कि जल संरक्षण की दृष्टि से प्रदेश में बिल्डिंग बॉयलाज में बदलाव के लिए विभाग के स्तर पर कार्यवाही की जाएगी। जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री नवीन महाजन ने बताया कि प्रदेश में जल संरक्षण की दृष्टि से बड़े एवं महत्वपूर्ण बांधों के रिहेबिलिटेशन के लिए वर्ल्ड बैंक से टाइअप करते हुए कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री केके पाठक ने कहा कि विभाग द्वारा नई ग्रामीण कार्य निर्देशिका तैयार कराई जा रही है, इसमें जल की बचत एवं संरक्षण के बारे में आवश्यक बिन्दुओं को समाहित किया जाएगा। 

भू-जल विभाग का प्रस्तुतीकरण

बैठक में भू-जल विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताया गया कि प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्रफल 3.42 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो पूरे देश का 11 प्रतिशत भाग है। पूरे देश की तुलना में यहां की जनसंख्या 5.5 प्रतिशत है, मगर स्रोतों से पानी की उपलब्धता मात्र 1.15 प्रतिशत ही है। प्रदेश में मानसून के सीजन में 28 से 36 दिनों तक वर्षा होती है, जो निम्न और अनियमित श्रेणी में आती है। औसत वर्षा का आंकड़ा 525 मिलीमीटर है और वाष्प-उत्सर्जन बहुत अधिक है। प्रदेश में 15 रिवर बेसिन के माध्यम से सतही जल 19.56 बिलियन क्यूबिक मीटर तथा भू-जल (31 मार्च 2020 की स्थिति के अनुसार) की उपलब्धता 11.073 बिलियन क्यूबिक मीटर है। कृषि क्षेत्र में पानी का उपभोग 85 प्रतिशत से अधिक है, जो ज्यादातर भू-जल के स्रोतों पर आधारित है। इसी प्रकार पेयजल और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यकता का 65 प्रतिशत से अधिक भी भू-जल पर निर्भर है। इसके अलावा प्रदेश में भू-जल के लिहाज से 185 ब्लॉक्स अति दोहित (ओवर एक्सप्लोयटेड), 33 क्रिटिकल, 29 सेमी क्रिटिकल तथा 45 सुरक्षित श्रेणी में है। 

ये रहे मौजूद

बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के सचिव श्री चिन्न हरि मीना, नरेगा के कमिश्नर श्री अभिषेक भगोतिया, जलदाय विभाग की विशिष्ट सचिव श्रीमती उर्मिला राजोरिया, जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता (शहरी एवं एनआरडब्ल्यू) श्री सीएम चौहान, मुख्य अभियंता (ग्रामीण) श्री आरके मीना के अलावा कृषि एवं उद्यानिकी, रीको, वाटर शैड एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। भू-जल विभाग के मुख्य अभियंता श्री सूरजभान सिंह ने सभी का आभार जताया।

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निर्धारित समय पर कर ली जाएं पौधारोपण से संबंधित सभी तैयारियां, जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित

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बीकानेर, 17 जून। राज्यव्यापी वृहद् एवं व्यवस्थित वृक्षारोपण अभियान के संबंध में जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में गुरुवार को बैठक आयोजित हुई।

इस दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान निर्धारित समय पर पौधारोपण प्रारम्भ हो जाए, इसके मद्देनजर सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रत्येक विभाग पौधारोपण के लक्ष्य निर्धारित करें। इनके अनुसार राज्य सरकार को शुक्रवार को प्रस्ताव भिजवाए जाएं। प्रत्येक विभाग द्वारा इनकी प्रभावी देखभाल की योजना भी बनाई जाए। उन्होंने बताया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वन विभाग 16 एवं पंचायत राज विभाग द्वारा 9 नई नर्सरियां विकसित की जाएंगी। वहीं नगर निगम और नगर विकास न्यास द्वारा शहरी क्षेत्र में सड़कों के किनारे 30 हजार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग द्वारा 4 हजार 560 तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 5 हजार पौधे लगाए जाएंगे।

बैठक के दौरान जिले में बनने वाले न्यूट्री गार्डन, आंगनबाड़ी भवनों, चारागाह भूमि, तालाब एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के साथ वन विभाग द्वारा विभागीय भूमि तथा जलग्रहण क्षेत्र में होने वाले पौधारोपण के संबंध में विचार विमर्श किया गया। इस दौरान वन विभाग की ‘घर-घर औषधि योजना’ के बारे में बताया गया।

स्कूली विद्यार्थी करेंगे देखभाल

अभियान के तहत जिले के सरकारी स्कूलों में लगभग 48 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक स्कूल को पौधारोपण के हिसाब से ‘माॅडल स्कूल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों में छह से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक-एक पौधा देखभाल के हिसाब से आवंटित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र के 341 स्कूलों में लगभग 45 हजार तथा शहरी क्षेत्र की दस स्कूलों में लगभग 2 हजार 758 पौधे लगाए जाएंगे।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमप्रकाश ने विभागवार प्रस्तावों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि 25 जून तक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बलदेव राम धोजक, नगर विकास न्यास सचिव नरेन्द्र सिंह पुरोहित, नगर निगम आयुक्त एएच गौरी, महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक शारदा चौधरी, उप वन संरक्षक ई. रंगास्वामी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डाॅ. राजकुमार शर्मा सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।

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वैक्सीनेशन का इंतजार खत्म कल 18+ वालों का एक साथ खुलेंगे स्लॉट

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शुक्रवार को 18+ आयु वर्ग के लिए बम्पर वैक्सिनेशन डोज के साथ आज रात को ऑनलाइन स्लाॅट के माध्यम से होगा वैक्सिनेशन।


बीकानेर शहर की सभी UPSC और चिकित्सालयों पर आज रात 9 बजे ऑनलाइन स्लाॅट बुकिंग के माध्यम से ही कोरोना वैक्सिनेशन होगा। वहीं तहसील मुख्यालयों और आसपास CHC पर भी ऑनलाइन स्लाॅट बुकिंग से ही वैक्सिनेशन होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में PHC और SC पर वहीं के स्थानीय निवासियों के केवल ऑफलाइन वैक्सिन डोज लगेगी।




 
डाॅ. राजेश गुप्ता से मिली जानकारी अनुसार बीकानेर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 Covaxin और 20,000 COVISHIELD डोज के साथ शुक्रवार को वैक्सिनेशन होगा।

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गोचर के विकास में दानदाताओं ने 51 लाख दिए, पूजन के साथ दीवार का काम शुरू

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 बीकानेर। सरेह नथानिया गोचर  में गुरुवार को गणेश पूजन, भूमि और गो पूजन के  साथ  पिल्लर लगाकर चाहर दिवारी का कार्य उत्साह के साथ शुरू हुआ। पूर्व मंत्री देवी सिंह के नेतृत्व में 11 लोगों ने पांच पंडितों के साथ पूजन किया। मोके पर ही वहां उपस्थित लोगों ने पर्यावरणीय विकास, मरुस्थलीय वनस्पति संवर्द्धन औऱ चारागाह विकास के कार्यों के लिए 51 लाख रुपए दिए। साथ ही आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। देवी सिंह भाटी ने अपनी तरफ से ढाई लाख रुपए देने के साथ ही हर व्यक्ति से गोचर विकास में सामर्थ्य के अनुसार सहयोग की अपील की।।              

  पूर्व मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि अब पूरा जीवन गोचर विकास में समर्पित रहेगा। वे पूरे राजस्थान और उत्तर भारत में गोचर सुरक्षा, चारागाह विकास और पेड़ लगाने की दिशा में काम करेंगे। उन्होनें कहा कि वे हनुमान मंदिर की शरण में रहकर पूरा जीवन इसी काम को समर्पित करेंगे। पूजन में सरेह नथानिया गोचर भूमि के अध्यक्ष बृज रतन किराडू उर्फ बरजू महाराज, पूर्व न्यास अध्यक्ष महावीर रांका, पूर्व संसदीय सचिव विश्वनाथ मेघवाल, उद्यमी देव किसान चांडक, राम किसान आचार्य, पूर्व पार्षद सुनील बांठिया, आदर्श शर्मा, मन्नू बाबू सेवग , ब्रज मोहन सिंह आदि शामिल हुए। शहर से सटी गोचर पर पहला  पिल्लर पूजन के बाद लगाकर दीवार बनाने का काम चालू कर दिया गया।।                      

कार्यक्रम में गंगाशहर गोचर से जुड़े मूल चन्द सामसुखा, भीनासर के कैलास सोलंकी  गोचर में खेजड़ी, पीपल, बड़ के पेड़ लगाने और सेवण घास का चारागाह विकसित करने की भावना से कार्यक्रम में शामिल हुए। भाटी ने कहा कि सरकार की गोचर के प्रति उपेक्षा के चलते अब समाज यह काम करेगा। लोगों ने गोचर के समग्र विकास के के प्रति उत्साह जताया। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि  गोचर का विकास करेगे।

         
 समारोह में  शंकर लाल किराडू, सुनील बांठिया, देव किसान चांडक, प्रताप सिंह उर्फ गोगी बना, महावीर रांका,राजेन्द्र सिंहदेवड़ा, मोहन सिंह नाल, राम प्रताप डूडी, प्रेम लेघा, भूरा राम  जाखड़,, अजित सिंह सिसोदिया,   सूरज प्रकाश राव, तेज भाटी हंस राज भादू, भँवर भादू। गोविंद बल्लभ किराडू उर्फ सीनू।  मन्नू बाबू सेवग, खींव राज थानवी समेत उपस्थित लोगों ने  भाग लिया।

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कोरोना अपडेट:रिकवरी के आधे पॉजिटिव इन इलाकों से

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दिनांक: 17-06-2021

कुल सेम्पल- 2090
पॉजिटिव-  8
रीकवर-.  16
कुल एक्टिव केस- 193
कोविड-केयर सेंटर- 00
हॉस्पिटल- 131
होम क्वारेन्टइन-62

कन्टेन्टमेंट जोन- 09
10 माइक्रो कंटेनमेंट

बीकानेर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। गुरुवार को बीकानेर में सवेरे की जारी रिपोर्ट में कोरोना के 05 मरीज रिपोर्ट हुए थे। जबकि शाम को जारी सूची में कोरोना के महज 03 नए संक्रमित सामने आए है। ऐसे में गुरुवार को कोटोना संक्रमितों की संख्या 08 तक सिमट कर रह गई है। वहीं गुरुवार को 16 रोगी टिकवर हुए है।

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अंत्येष्टि अनुदान योजना के तहत प्रस्ताव देने की अंतिम तिथि 21 जून

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बीकानेर, 17 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा लावारिस व निराश्रित व्यक्तियों की अन्त्येष्टि क्रिया के लिए अन्त्येष्टि अनुदान योजना चलाई जा रही  है। योजना के अन्तर्गत राज्य के क्षेत्राधिकार में किसी भी उम्र, जाति, वर्ग के लावारिस व निराश्रित व्यक्ति की साधारण अथवा दुर्घटना में मृत्यु होने पर शव का दाह संस्कार करने वाली संस्था को आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इसके तहत संस्था को दाह संस्कार के लिए आवश्यक सामान व व्यवस्था करने हेतु 5000 रूपये की राशि का भुगतान किया जायेगा।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि स्वयंसेवी संस्थाओं के चयन हेतु जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जिसमें पुलिस विभाग, कोषाधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे। समिति द्वारा जिले में योजना के संचालन हेतु संस्थाओं के पैनल का गठन किया जायेगा।

पंवार ने बताया कि योजना के संचालन हेतु पंजीकृत तथा सुदृढ़ वित्तीय स्थिति वाली स्वयंसेवी संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किये किए गए है। नियमों की विस्तृत जानकारी तथा आवेदन पत्र प्राप्ति हेतु इच्छुक संस्थाये उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय में कार्यालय समय में किसी भी कार्य दिवस में सम्पर्क कर सकती है। प्रस्ताव देने की अंतिम तिथि 21 जून है।

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बीकानेर: शुक्रवार को विभिन्न क्षेत्रों रहेगी विद्युत आपूर्ति बाधित

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बीकानेर,17 जून। विद्युत उपकरणों के आवश्यक रखरखाव हेतु  शुक्रवार को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

बीकेईएसएल के सहायक अभियंता ने बताया कि पवनपुरी (सेक्टर एक से सात),गांधी कॉलोनी, नागणेची बाजार व स्कीम, महिला थाना, मरुधर कॉलोनी, सुदर्शना नगर, वल्लभ गार्डन, साईं बाबा मंदिर,पवनपुरी, करनी नगर,पारीक चैक, कसाईयो की बारी, बिन्नानी चैक, सोनगिरी कुआं,दाऊजी मंदिर रोड,मोहल्ला चुनघरान,जोशीवाड़ा,डागा चैक, डूडी सिपाहियों का मोहल्ला, भाटियों का चैक, आसानियों का चैक,तेलीवाड़ा, बख्तावरो का कुआं,मुरलीधर कॉलोनी आश्रम के पास, मौसम विभाग के पास, श्रीराम नगर, सामुदायिक भवन सेक्टर डी के पास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।

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भारतमाला परियोजना के तहत दिलाया भूमि का कब्जा

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बीकानेर, 17 जून। भारतमाला परियोजना के अन्र्तगत इकाॅनोमिक कोरिडोर-अमृतसर-कांडला परियोजना के तहत जिले में ग्राम किल्चू देवडान की खातेदारों से अवाप्त शुदा भूमि का गुरूवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकार के प्रतिनिधि को कब्जा दिला दिया है। यह जानकारी उपखण्ड अधिकारी मीनू वर्मा ने दी।

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MMCSBY:बीकानेर के हल्दीराम मूलचंद कार्डियोलाॅजी सेंटर में कुसुम देवी की वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई निःशुल्क

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बीकानेर के हल्दीराम मूलचंद कार्डियोलाॅजी सेंटर में कुसुम देवी की वाल्व रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई निःशुल्क

लगभग दो से ढाई लाख रूपये थी इस सर्जरी की कीमत, योजना से मिटा मर्ज-बिना किसी खर्च

बीकानेर। नागौर के जसवंत नगर की मूल निवासी कुसम देवी पिछले 14-15 साल से हार्ट की बीमारी से पीड़ित थी। थोडा से चलने पर सांस फूल जाती थी और तेज सरदर्द भी रहता था। बीकानेर के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर जयकिशन सुथार को दिखाया तो बताया कि वाॅल्व रिपलेसमेंट सर्जरी करानी होगी, जिस पर लगभग दो से ढाई लाख रूपये खर्च होने का अनुमान है। 

एक साथ इतने पैसों की व्यवस्था करना कुसुम के लिए संभव नही लग रहा था। इसलिये 2011 से बीकानेर में रहते हुए छोटा-मोटा काम कर रही थी और अपने हार्ट की बीमारी का इलाज दवाइयों से ले रहे थे। ऑपरेशन के लिए पैसे बचाने की कोशिश में थे, लेकिन पर्याप्त पैसे जमा नही हो पा रहे थे। घर के खर्च में ही सब खत्म हो जाता था। बीमारी से कभी तबीयत थोड़ी सही होती तो कभी ज्यादा खराब होने पर अस्पताल ले जाना पडता। प्राथमिक उपचार लेकर वापिस घर आ जाते। ऑपरेशन कराना जरूरी था पर पैसों की कमी आडे आ रही थी। बड़ी मुश्किलों से जीवन गुजर रहा था। 

इस साल के बजट भाषण में  मुख्यंमंत्री श्री अशोक गहलोत ने 1 मई 2021 से प्रदेश में मुख्यमंत्री नि:शुल्क बीमा योजना का शुभारम्भ किये जाने और पूरे प्रदेशवासियों को निःशुल्क चिकित्सा बीमा देने की घोषणा की। योजना में सभी लोग चाहे वो किसी भी वर्ग, आयु और आय के हो, पंजीकृत हो सकते हैं।
 यह बात सुनकर कुसुम ने ई-मित्र केन्द्र पर जाकर 850 रूपये देकर योजना में खुद का पंजीकरण करवाया। पंजीकरण के साथ ही कुसुम के परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क बीमा मिलने का पाॅलिसी डाॅक्यूूमेंट मिला। 

बीकानेर संभाग के सबसे बडे सरकारी अस्पताल पीबीएम अस्पताल के हल्दीराम मूलचंद कार्डियोलाॅजी सेंटर मे भर्ती हुई। जांचे की गई और उसके आधार पर कुसुम के वाॅल्व रिप्लेंसमेंट सर्जरी का ऑपरेशन करना तय हुआ। 10 जून 2021 को कुसुम की हल्दीराम मूलचंद कार्डियोलाॅजी सेंटर के कार्डियक सर्जन डॉ. जयकिशन सुथार सुथार तथा अनेस्थेशिया टीम डॉ. कांता भाटी, डॉ. सोनाली धवन तथा डॉ. यूनिस खिलजी के नेतृत्व में ऑपरेशन सफलतापूर्वक हुआ और अभी वह ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रही है। कुछ दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाएंगी। कुसुम ने बताया कि पैसो की तंगी, इलाज में बाधा बन रही थी। सोचा, पूरी जिंदगी ऐसे ही निकालनी पड़ेगी। बीमारी के कारण काम भी नही कर पा रही थी। 

उसने कहा, 'मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने यह योजना शुरू करके कितना अच्छा किया। मेरे जैसे कितने गरीब लोग होेंगे जिनके बड़ी बीमारी के ऑपरेशन और इलाज पैसो के कारण रूके पड़े थे, जो अब हो पा रहे हैं। सरकार के एक अच्छे निर्णय से आज मेरा जीवन बच गया। अब मैं स्वस्थ होकर अपना और अपने परिवार का ध्यान रख पाऊंगी।' ऐसी जीवनदायिनी योजना शुरू करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया।
 
डॉ जय किशन सुथार ने बताया कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में इस सर्जरी के पैकेज की कीमत 1 लाख 60 हजार रूपये है, जो मरीज को निःशुल्क मिला। मरीज को इसके लिये एक रूपया भी नहीं देना पड़ा। मरीज की जांच, दवाइयां, उपचार और चिकित्सकीय सामग्री सभी कुछ निःशुल्क होता है। बाहर प्राइवेट अस्पताल में इसी सर्जरी के दो से ढाई लाख रूपये खर्च करने होते है। योजना आमजन के लिए वरदान साबित हो रही है और गंभीर रोगो में बड़े खर्च के डर से जो लोग अपना इलाज नही करा रहे थे, वो भी अब इलाज निःशुल्क होने से अस्पताल आने से घबरा नही रहे हैं।

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10वीं-11वीं के नंबरों से तय होगा 12वीं बोर्ड रिजल्ट, नतीजों की तारीख भी घोषित

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सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की 12वीं की मार्कशीट तैयार करने को लेकर बनी 13 सदस्यीय सम‍िति ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप दी. सीबीएसई ने बताया कि 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री बोर्ड के रिजल्ट को 12वीं के फाइनल रिजल्ट का आधार बनाया जाएगा और नतीजे 31 जुलाई तक घोषित कर दिए जाएंगे.

सीबीएसई ने कहा कि 10वीं के 5 विषय में से 3 विषय के सबसे अच्छे मार्क को लिया जाएगा, इसी तरह 11वीं के पांचों विषय का एवरेज लिया जाएगा और 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम और प्रेक्टिकल का नंबर लिया जाएगा. 10वीं के नंबर का 30 परसेंट, 11वीं के नंबर का 30 परसेंट और 12वीं के नंबर के 40 परसेंट के आधार पर नतीजे आएंगे.

सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई ने कहा कि परिणाम समिति ने परीक्षा की विश्वसनीयता के आधार पर वेटेज पर फैसला किया, स्कूलों की नीति प्रीबोर्ड में ज्यादा अंक देने की है, ऐसे में सीबीएसई के हजारों स्कूलों में से प्रत्येक के लिए परिणाम समिति गठित होगी, स्कूल के दो वरिष्ठतम शिक्षक और पड़ोसी स्कूल के शिक्षक "मॉडरेशन कमेटी" के रूप में कार्य करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्कूल ने अंकों को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताया है, यह कमेटी छात्रों के पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन को आंकेगी.

ICSE 12वीं की मार्कशीट ऐसे बनेगी

सीबीएसई की ही तरह आईसीएसई ने भी 12वीं के रिजल्ट को जारी करने की नीति सुप्रीम कोर्ट को बताई है. 10वीं के नंबर (प्रोजेक्ट और प्रेक्टिकल को लेकर) और फिर 11वीं और 12वीं के प्रोजेक्ट और प्रेक्टिकल में मिले नंबर को आधार बनाकर 12वीं की मार्कशीट बनाई जाएगी. पिछले साल भी आईसीएसई ने इसी नीति से 12वीं के नतीजे घोषित किए थे. 

चार राज्यों ने अभी तक नहीं लिया है फैसला

सुप्रीम कोर्ट अब राज्य बोर्ड परीक्षाओं के मुद्दे पर विचार कर रहा है. याचिकाकर्ता का कहना है कि 28 में से 24 राज्यों ने पहले ही बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी है, कुछ राज्यों द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया, केरल पहले ही कक्षा 12 की परीक्षा आयोजित कर चुका है. चार राज्यों- असम, पंजाब, त्रिपुरा और आंध्र प्रदेश ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है.


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बीकानेर: एक मेडिकल स्टोर का अनुज्ञापत्र निरस्त, चार के निलंबित

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बीकानेर, 17 जून। विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर एक मेडिकल स्टोर का अनुज्ञापत्र निरस्त तथा चार के अनुज्ञापत्र निलम्बित किए गए हैं। 

औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक सुभाषचन्द मुटनेजा ने बताया कि करमीसर फांटा स्थित अनमोल मेडिकल स्टोर का अनुज्ञापत्र निरस्त किया गया है। इसी प्रकार छत्तरगढ़ स्थित फ़्रेंडस मेडिकल स्टोर का अनुज्ञापत्र 21 से 23 जून, शेरेरा स्थित बालाजी मेडिकल एण्ड जनरल स्टोर का 21 से 24 जून, सादुलगंज स्थित गौरव मेडिकल एण्ड जनरल स्टोर का 21 से 25 जून तथा आयुष फार्मा एण्ड सर्जिकल्स का अनुज्ञापत्र 21 से 28 जून तक के लिए निलम्बित किया गया है।

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राजस्थान: बाली उम्र में हुआ प्यार, सैलरी सुन किया इनकार

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दो नाबालिग युवाओं को फेसबुक पर प्यार हुआ फिर दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. उम्र की सीमा और शहरों का बंधन तोड़ दोनों शादी करने के लिए तैयार हो गए. लड़की आगरा से भागकर शादी करने के लिए अपने प्रेमी के पास धौलपुर पहुंच गई. लड़की 16 और लड़के की उम्र 17 साल है. दोनों को धौलपुर रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध अवस्था में चाइल्ड लाइन ने पकड़ा और बाल कल्याण समिति को सौंप दिया. बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने दोनों बच्चों से उनके घर से भागने की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि वो दोनों एक दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं.

नाबालिग प्रेमी जोड़ा शादी के लिए भाग रहा था 
 
बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने दोनों बच्चों के माता-पिता के नाम और घर के पते लिए और इसकी सूचना परिजनों को दी. इस दौरान दोनों बच्चों की काउंसलिंग कराई गई. जब लड़की को यह पता चला कि उसके प्रेमी के पास सिर्फ 1400 रुपये हैं और वो इन पैसों से जीवन भर साथ नहीं रहे सकते तो लड़की ने फौरन अपने प्रेमी से शादी करने से माना कर दिया.  इसके बाद बाल बाल कल्याण समिति ने लड़के को छात्रावास कोविड सेंटर और लड़की को चाइल्ड लाइन में भेजा.

प्रेमी की सैलरी जानकर लड़की ने किया शादी से इनकार  

कल्याण समिति के सदस्य गिरीश गुर्जर ने बताया कि नाबालिग लड़की यूपी के आगरा जिले की रहने वाली है और लड़का राजस्थान के धौलपुर का है. दोनों की दोस्ती फेसबुक के माध्यम से हुई थी. दोनों शादी करना चाहते थे. इसलिए लड़की अपने घर से भागकर धौलपुर आ गई. जब लड़की ने अपने प्रेमी की सैलरी पूछी तो उसने महज 1400 रुपये बताई. इसके बाद लड़की ने शादी से इनकार कर दिया. 


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सिर्फ एक Missed Call और घर आ जाएगा LPG सिलेंडर,ये मोबाइल नंबर करे सेव

बीकानेर बुलेटिन




रसोई गैस सिलेंडर को बुक करना अब चुटकियों का खेल है. आपको सिर्फ एक मिस्ड कॉल देना है और LPG सिलेंडर आपके दरवाजे पर होगा. इंडियन ऑयल (IOC) अपने कस्टमर्स को ये सर्विस देता है.

मिस्ड कॉल से घर आ जाएगा LPG सिलेंडर
अब देश के किसी भी हिस्से में बस एक मिस्ड कॉल करके अपना एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकते हैं. मिस्ड कॉल के जरिए LPG सिलेंडर की बुकिंग की सुविधा IOC ने इसी साल फरवरी में ही शुरू की थी. पहले ग्राहकों को कस्टमर केयर पर जाकर काफी लंबे समय तक कॉल को होल्ड पर रखना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा करने की जरूरत नहीं है. सिर्फ एक मिस्ड कॉल और गैस सिलेंडर आपके दरवाजे पर होगा.

 

ये नंबर सेव कर लीजिए
IOC ने इसके लिए एक ट्वीट के जरिए अपने एलपीजी ग्राहकों को जानकारी दी है. IOC ने मिस्ड कॉल के लिए नंबर भी बताया है, जो ये 8454955555 है. आपको सिर्फ अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से इस नंबर पर कॉल करना है. IOC ने अपने ट्वीट में बताया है कि अब ओडिशा और कोटा के ग्राहक इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर नया गैस कनेक्शन भी बुक कर सकते हैं. सबसे अच्छी बात ये है कि इसके लिए ग्राहकों को कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना है. 


IOC के ग्राहक ऐसे करें गैस की बुकिंग
अगर आप Indane के ग्राहक हैं तो LPG गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7718955555 पर कॉल करके कर सकते हैं. दूसरा तरीका Whatsapp है, आप REFILL लिखकर कर 7588888824 पर Whatsapp कर दे. गैस सिलेंडर आपके दरवाजे पर डिलिवर हो जाएगा. 

HP के ग्राहक ऐसे करें LPG की बुकिंग
HP के ग्राहक 9222201122 पर Whatsapp मैसेज भेजकर LPG सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं. आपको सिर्फ अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से BOOK टाइप करके 9222201122 नंबर पर भेजना होगा. आप इसी नंबर पर सब्सिडी से जु़ड़ी सूचनाएं भी पा सकते हैं. 

Bharat Gas के ग्राहक ऐसे करें गैस की बुकिंग
भारत गैस के कस्टमर को 1 या फिर BOOK लिखकर रजिस्टर्ड मोबाइल से 1800224344 पर भेजना होगा. इसके बाद आप की बुकिंग रिक्वेस्ट को एजेंसी स्वीकार कर लेंगी और आपके वाट्सएप नंबर पर अलर्ट आएगा. 

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देशनोक: युवती फांसी लगा इहलीला समाप्त की

बीकानेर बुलेटिन




देशनोक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में 20 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस संबंध में मृतका के भाई पलाना निवासी राधाकिशन पुत्र भंवरलाल ने मर्ग रिपोर्ट दर्ज करवाई है। जिसमें बताया कि सुवटी (20) की काफी दिनों से मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। जिससे कमरे में पंखे के हुक से अपनी खुद की चुन्नी से फंदा बनाकर फांसी लगा ली जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

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मौसम अपडेट: मौसम विभाग का अगले दो से तीन घंटों का अलर्ट

बीकानेर बुलेटिन


राजधानी जयपुर समेत प्रदेशभर में बीते एक सप्ताह में तेज हवा और आंधी के कारण गर्मी से प्रदेशवासियों को अब राहत मिलने लगी है। प्रदेश में बीते दिनों से प्री मानसून का असर देखने को मिल रहा है। लिहाजा बारिश से अब तापमान में हल्की ठंडक घोल दी है।


सभी जगहों पर पारा अधिकतम डिग्री लुढ़क गया है। मौसम विभाग की मानें, तो अगले चार दिन में इसी तरह बारिश की संभावना है। यानी अभी लगातार प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

वहीं मानसून से पहले प्री- मानसून लोगों को राहत देता रहेगा। हालांकि 25 जून तक मानसून के राजस्थान में दस्तक देने की संभावनाएं है। वहीं आगामी 24 घंटे में गुरुवार को 20 से ज्यादा जिलों में धूल भरी आंधी के साथ बारिश की संभावना है

मौसम विभाग जयपुर केंद्र के प्रभारी आरएस शर्मा ने बताया कि वायुमंडलीय स्थिति ऐसी नहीं है कि मानसून रफ्तार से बढ़ सकें। हालांकि सभी जगहों पर मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कई जगहों पर हल्की बारिश भी दर्ज हो रही है।


बाड़मेर,बीकानेर,जैसलमेर,जोधपुर,जालोर,नागौर,भीलवाड़ा,चित्तौड़गढ़,पाली,राजसमंद,अलवर जिले में किया गया अलर्ट जारी,तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश का किया अलर्ट 

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राजस्थान:40 साल पुरानी व्यवस्था हुई समाप्त मंडी प्रांगण के बाहर वन उत्पादों पर नहीं लगेगा कृषि मंडी शुल्क

बीकानेर बुलेटिन



जयपुर, 16 जून। कृषि उपज मंडी समिति प्रांगण के बाहर तेंदू पत्ता, काष्ठ और अकाष्ठ सहित सभी वन उत्पादों पर कृषि मंडी शुल्क और कृषि कल्याण शुल्क अब नहीं वसूला जाएगा। इसके लिए वन विभाग और कृषि विभाग द्वारा बातचीत के बाद सक्षम स्तर पर निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के बाद राज्य में पिछले 30-40 वर्षों से चली आ रही व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन-बल प्रमुख) श्रीमती श्रुति शर्मा ने बताया कि वन विभाग द्वारा तेंदू पत्ता, काष्ठ और अकाष्ठ वन उपजों के व्यापार से जुड़े व्यापारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य के मंडी प्रांगणों के बाहर इन उत्पादों को कृषि मंडी शुल्क/कृषक कल्याण फीस की वसूली से मुक्त कर दिया गया है। इस संबंध में वन विभाग की ओर से कृषि विभाग को प्रस्ताव भिजवाया गया था। दोनों विभागों द्वारा सक्षम स्तर पर निर्णय के बाद राजस्थान कृषि उपज मंडी अधिनियम की धारा 17 में दिनांक 14 सितम्बर 2020 से संशोधन उपरांत राज्य के मंडी प्रांगण के बाहर विज्ञप्त कृषि जिंसों तथा उत्पादों (जिसके अंतर्गत तेंदू, पत्ता, काष्ठ, अकाष्ठ वन उपज सम्मिलित हैं) के विपणन पर कृषि मंडी शुल्क या कृषक कल्याण फीस नहीं वसूली जाएगी।

उन्होंने बताया कि उक्त संशोधन के बाद इस संबंध में विभागीय विपणन व्यवस्था से तेंदू पत्ता, काष्ठ और अकाष्ठ के व्यापार से जुड़े व्यापारियों द्वारा यदि कहीं कृषि मंडी शुल्क/कृषक कल्याण फीस का भुगतान किया गया है तो वे दी गई शुल्क/फीस राशि को संबंधित मंडी से प्राप्त कर सकेंगे।

अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) श्री आनंद मोहन ने बताया कि इससे वन उत्पादों के व्यापार से जुड़े व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस निर्णय को प्रभावी करने में वन विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा, शासन सचिव महोदय और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन-बल प्रमुख) श्रीमती श्रुति शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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