Saturday, October 16, 2021

बीकानेर में प्रस्तावित सांईस म्यूज़ियम डॉ एच पी व्यास के नाम पर होगा

बीकानेर बुलेटिन
                  


विश्व प्रसिद्ध वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिक डॉ एच पी व्यास की स्मृति में आयोजित जन श्रद्धांजलि सभा में आए सैकड़ों लोग 

वर्चुअली रूप में जुड़ी देश दुनिया की कई हस्तियां 
डॉ व्यास को समर्पित बुलेटिन का हुआ लोकार्पण
 
बीकानेर। बीकानेर में प्रस्तावित सांईस म्यूज़ियम स्वर्गीय डॉ एचपी व्यास के नाम पर होगा। यह घोषणा केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने डॉ व्यास की स्मृति में आयोजित जन - श्रद्धांजलि सभा में की। उन्होंने अपनी शब्दांजलि के माध्यम से कहा कि डॉ व्यास जैसे प्रेरक व्यक्तित्व सदियों में कभी कभी आते हैं। डॉ व्यास से जुड़े अनेक संस्मरण प्रस्तुत करते हुए मेघवाल ने सुझाव दिया कि इसी तरह की एक श्रद्धांजलि सभा राजधानी दिल्ली में भी आयोजित की जानी चाहिए। इस हेतु उन्होंने अपनी तरफ से यथावश्यक सहयोग का भी आश्वासन दिया। उन्होंने इस अवसर पर एक गीत भी प्रस्तुत किया। शिववैली के पास स्थित ज्ञान विधि पी जी महाविद्यालय में आयोजित इस सभा में भाजपा के प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर ने डॉ व्यास को एक दिव्य प्रेरणा पुंज बताते हुए कहा कि वे देश के लिए पूरी तरह से समर्पित थे और उन्होंने अपनी कथनी और करनी में कभी अंतर नहीं किया। उन्होंने डॉ व्यास के जीवन के कई प्रेरक उदाहरणों को प्रस्तुत करते हुए उनके बताए मार्ग के अनुसरण की बात कही। इस अवसर पर हैदराबाद से विशेष रूप से आए डॉ महादेव भट्ट ने डॉ एच.पी व्यास के साथ किए गए कार्यों को विस्तार से बताया तथा कहा कि डॉ व्यास सरीखे विरले व्यक्तियों की इस देश को अत्यंत आवश्यकता है। इस अवसर पर पूर्व संयुक्त निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, डॉ विजय शंकर आचार्य ने कहा कि डॉ व्यास बहुत विराट शख्सियत थे और उन्होंने कभी अपनी शख्सियत का गुणगान या गुमान नहीं किया। ज्ञान विधि पी जी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बी एल बिश्नोई ने डॉ व्यास के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने इस जन श्रद्धांजलि सभा का संयोजन करते हुए कहा कि डॉ व्यास का व्यक्तित्व किसी महासागर से कम नहीं था। उनसे जितनी बार मिला, हर बार नई बातें व नए गुण सीखने को मिले। सभा के संयोजक रवि अग्रवाल ने डॉ व्यास के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ व्यास के पुत्र डॉ सुधांशु व्यास ने अपने पिता के साथ बिताए ऐतिहासिक और सुनहरे पलों को शेयर किया। नोखा के विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, भाजपा के शहर अध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह , भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, भाजपा के शहर उपाध्यक्ष अशोक बोबरवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता गुमान सिंह राजपुरोहित, पूर्व महापौर नारायण चौपड़ा, वरिष्ठ पत्रकार राजीव हर्ष, डॉ व्यास के भाई डॉ आर के व्यास, भाभी कमला देवी, राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड के बीकानेर सी ओ जसवंत सिंह राजपुरोहित, मघा फांउडेशन के लक्ष्मण मोदी, एम जी एस यूनिवर्सिटी के रविंद्र मंगल, करुणा इंटरनेशनल संस्था के ताराचंद बोथरा, मानव प्रबोधन प्रन्यास के घनश्याम साध, करिअर काउंसलर डॉ चंद्र शेखर श्रीमाली, पर्वतारोही डॉ सुषमा बिस्सा, शिक्षक कांग्रेस के महेश सिंह तंवर, संवित् शिक्षण संस्थान के डॉ अभय सिंह टाक, आर्ट ऑफ लिविंग के मनीष गंगल, सेमूनो इंस्टीटयूट की डा नीलम जैन, सनराईज अकादमी के रमेश बालेचा, श्री पूर्णेश्वर ज्ञान मंदिर के प्रभुदयाल गहलोत, श्री गोपेश्वर विद्यापीठ की भंवरी देवी इत्यादि ने भी डा व्यास को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। डॉ व्यास द्वारा संचालित लर्निंग बाय डूंईंग टीम के गणेश सियाग, आलिया समेजा, मित्रवृंदा रंगा, रजनी, निकिता व्यास, देव सुथार, मधुसूदन सुथार, देवकिशन सुथार इत्यादि ने डॉ व्यास को शब्दांजलि देते हुए संकल्प प्रकट किया कि वे लर्निंग बाय डूंईंग मिशन को सदैव आगे बढ़ाने का काम करते रहेंगे। लर्निंग बाय डूंईंग के स्टूडेंट्स रोहिणीकांत खैरीवाल, नम्रता अग्रवाल, भव्या जैन, टिंकी सियाग, जाह्नवी 
इत्यादि ने भी व्यास सर को शब्दों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किए।



वर्चुअली श्रद्धांजलि अर्पित कर अपने भावों की अभिव्यक्ति दी देश दुनिया की हस्तियों ने 

इस जन श्रद्धांजलि सभा को आनलाईन जूम लिंक के जरिए देश विदेश के अनेक लोगों ने देखा। इस अवसर पर बड़ी एल ईडी की व्यवस्था मंच पर की गई। अनेक शख्सियतों ने डॉ व्यास के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। डीआरडीओ की वर्तमान डायरेक्टर डॉ सीमा विनायक, इसरो के ओ पी एन कल्ला, सी डेक के डी जी देवाशीष दत्ता, एसएसपीएल के शुभेंदु सरकार, आर मुरलीधरन, ए के पुरी, डॉ आर के शर्मा, विशाखा भट्टाचार्य, बिट्स पिलानी के कृष्णा सारस्वत, सीरी पिलानी के शमीम, सुरेंद्रपाल, ट्राय न्यूयार्क के संजय मोंगें, हनीवेल, यू एस ए के सेम नवाज, गांधीनगर, गुजरात से पंकज गोदारा इत्यादि वर्चुअली इस सभा से जुड़े और अपने भावों को प्रस्तुत किया। 


4 पृष्ठ के विशेष बुलेटिन का किया लोकार्पण 

ज्ञानायाम द्वारा चार पृष्ठ के बुलेटिन का प्रकाशन किया गया। शिक्षाविद् गिरिराज खैरीवाल द्वारा संपादित एवं तैयार किए गए इस विशेष बुलेटिन का लोकार्पण केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, डॉ सत्यप्रकाश आचार्य, गुमान सिंह राजपुरोहित, पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ विजय शंकर आचार्य, डॉ बी एल बिश्नोई, डॉ महादेव भट्ट, डॉ अभय सिंह टाक, आर के व्यास, डॉ सुधांशु व्यास, लक्ष्मण मोदी, घनश्याम साध, बजरंग सारण (हनुमानगढ़) इत्यादि ने किया। चार पृष्ठ के इस बुलेटिन में डा व्यास के जीवन व उपलब्धियों के बारे विस्तार से बताया गया है। इस बुलेटिन में देश के विभिन्न वैज्ञानिकों, समाज सेवियों, शिक्षकों व डा व्यास के अनुयायियों के विचारों का समावेश भी किया गया है।

इस कार्यक्रम के संयोजक रवि अग्रवाल के नेतृत्व में युवाओं की टीम अनिल भार्गव, रामदेव प्रजापत, रामसुख कुमावत, मेघराज गहलोत, विरेन्द्र कच्छावा, शिव गहलोत, लोकेश राठौड़, विक्रम राठौड़, जस्साराम सियाग इत्यादि जुटे रहे। इसी वजह से मात्र दो दिन की तैयारी में सैंकड़ों लोगों ने इस श्रद्धांजलि सभा में शिरकत की और डॉ व्यास को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर डा व्यास के लर्निंग बाय डूंईंग किट की प्रदर्शनी भी लगाई गई तथा डॉ व्यास की मुख्य बातों के फ्लेक्स पोस्टर भी प्रदर्शित किए गए। 

                            

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अब 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा ग्रामीण ओलम्पिक खेलों के लिए पंजीयन

बीकानेर बुलेटिन






बीकानेर, 16 अक्टूबर। राजस्थान ग्रामीण ओलंपिक खेलों में पंजीयन की तिथि को 31 अक्टूबर तक बढ़ाया गया है।
जिला खेल अधिकारी कपिल मिर्धा ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई बजट घोषणा की अनुपालना में ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला स्तर एवं राज्य स्तर इन खेलों का आयोजन होना है। राजस्थान ग्रामीण ओलम्पिक खेलों में वॉलीबॉल, हॉकी, टेनिस बॉल, क्रिकेट, कबड्डी, शूटिंग बॉल पुरुष वर्ग और खो-खो महिला वर्ग की स्पर्धाएं सभी स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके लिए पंजीयन की तिथि 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी गई है। उन्होंने कहा की इससे ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा व गांव-गांव में खेलों का वातावरण बनेगा। उन्होंने बताया कि https://panchayat.rajasthan.gov.in/KhelMahotsav/View/PlayerRegistrationRemote.html 
पर पंजीकरण करवाया जा सकेगा।

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डेंगू मुक्त बीकाणा अभियान,रविवार को घर-घर में चलेगी मुहिम, जिला कलक्टर की अपील

बीकानेर बुलेटिन



डेंगू मुक्त बीकाणा अभियान के तहत गांव-गांव और शहरों के सरकारी कार्यालयों में हुई एन्टी लार्वल गतिविधियां

रविवार को घर-घर में चलेगी मुहिम, जिला कलक्टर की अपील-आमजन जिम्मेदारी से निभाएं भागीदारी



बीकानेर, 16 अक्टूबर। 'डेंगू मुक्त बीकाणा' अभियान के तहत शनिवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में एंटी लार्वल गतिविधियां की गई।
जिला कलेक्टर नमित मेहता के आह्वान पर शनिवार को छुट्टी के दिन सभी कार्यालय खुले और हजारों कार्मिकों ने डेंगू मुक्त बीकानेर की इस मुहिम में पूर्ण मनोयोग से भागीदारी निभाते हुए अपने-अपने कार्यालयों में ठहरे हुए पानी को जमीन पर गिराया। कूलर,गमले, फ्रिज की ट्रे तथा छतों पर पक्षियों के लिए रखे गए परिंडों को साफ किया। पानी की टंकियों में कच्चा तेल डाला तथा ठहरे हुए पानी  तथा नालियों में काला तेल डालकर अभियान में जन-जन को सन्देश दिया।
जिला कलेक्टर मेहता ने कलेक्ट्रेट परिसर में इस मुहिम का नेतृत्व किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर की विभिन्न शाखाओं तथा कक्षों का अवलोकन किया। गमलों में ठहरे हुए पानी को गिराया। कलेक्ट्रेट परिसर की छत पर बनी पानी की टंकी में कच्चा तेल डाला। परिंडों में लंबे समय से पड़े को गिराते हुए इनमें साफ पानी डालने के निर्देश दिए। एक टंकी के ढक्कन नहीं होने और यह पानी साफ नहीं होने को उन्होंने गंभीरता से लिया तथा इसे  शीघ्र साफ करने के निर्देश दिए। इसमें भी काला तेल डाला। कलेक्ट्रेट परिसर की छत पर रखे अनुपयोगी सामान को हटाने तथा पानी की निकासी के लिए नालियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर को साफ सफाई और स्वच्छता के हिसाब से 'मॉडल' रूप में विकसित किया जाए, जिससे अन्य कार्यालयों को भी प्रेरणा मिले। उन्होंने कहा कि बीकानेर को डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूकता रखनी होगी। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर बलदेव राम धोजक, जागरूकता अभियान समन्वयक राजेंद्र जोशी, कलक्टर निजी शाखा के आशानंद कल्ला, शिवकुमार व्यास, मोहम्मद रियाज भाटी, जगदीश किराडू, मनीष शर्मा, महावीर स्वामी, हितेश श्रीमाली सहित अनेक कार्मिक मौजूद रहे।


कार्यालयों में रहा उत्साह का माहौल
 जिला कलेक्टर के आह्वान पर डेंगू के विरुद्ध जागरूकता के लिए चलाए गए दो दिवसीय अभियान के पहले दिन शनिवार को जिले के समस्त कार्यालय में उत्साह का माहौल रहा। जिला परिषद, नगर निगम, नगर विकास न्यास, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय सहित जिले के समस्त ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कार्यालयों में सघन कार्यवाही हुई। जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य की दुकानों, ईमित्र केंद्रों में भी अभियान के तहत कार्रवाई की गई।
रविवार को घर-घर चलेगी मुहिम
जागरूकता अभियान की श्रंखला में रविवार को जिले के समस्त घरों तथा दुकानों में एंटी लार्वल गतिविधियां आयोजित होंगी। जिला कलेक्टर नमित मेहता ने जिले के सभी निवासियों से इस अभियान में जिम्मेदारी पूर्वक भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में रविवार को प्रातः 10 बजे यह गतिविधियां आयोजित करें। इस दौरान कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे आदि में ठहरे हुए पानी को नष्ट करने के साथ-साथ पीने के पानी की टंकियों में कच्चा तेल डालने और नालियों आदि के ठहरे हुए पानी में काला तेल डालकर मच्छरों के पैदा होने की गुंजाइश को खत्म करने में भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही डेंगू मुक्त बीकानेर की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

घर-घर जागरूक करेंगे सतर्कता दल
घर-घर में आयोजित होने वाले जागरूकता अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर के निर्देश पर 80 टीमों का गठन किया गया है। इनमें संबंधित बीएलओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, नगर निगम के स्वच्छता कर्मी, चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के सीएचए, नर्सिंग विद्यार्थी, स्कॉउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी के प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया है। इसके लिए शहरी क्षेत्र के 50 विद्यालयों को मुख्यालय मानते हुए समूचे क्षेत्र में आमजन को जागरूक करने की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन टीमों द्वारा घर-घर में पेम्फलेट वितरण के साथ-साथ एंटी लारवा गतिविधियां करवाई भी जाएंगी। इस अभियान में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी भी रहेगी। ऑवर फ़ॉर नेशन द्वारा शहरी क्षेत्र में सघन अभियान चलाया जाएगा।

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बीकानेर: बिग वी ने करवाया 'साइकिल विथ यूथ'

बीकानेर बुलेटिन




बिग वी कॉमर्स कोचिंग क्लासेज. सुदर्शना नगर, पवनपुरी, बीकानेर द्वारा आज विजयदशमी के दिवस पर रामलाल सूरजदेवी रांका चेरिटेबल ट्रस्ट्, सोनी साइकिल स्पोर्टस् तथा वृक्षित फाउण्डेशन के सहयोग से 'साइकिल विथ यूथ' समारोह का सफल संचालन करवाया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि श्री महावीर रांका जी पूर्व अध्यक्ष नगर विकास न्यास ने प्रातः काल 6:30 बजे झण्डा दिखाकर साइकिल यात्रा प्रारम्भ करवायी। रांका जी ने इस प्रकार के प्रोग्राम की सराहना करते हुए कहा कि साइक्लिंग से ईधन की बचत होती है तथा पर्यावरण को भी प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है।

साइकिल विथ यूथ इवेंट का रूट बिग वी कॉमर्स कोचिंग क्लासेज से शनि मन्दिर, शिवबाडी चौराहा, व्यास कॉलोनी मेडिकल कॉलेज सर्कल से सामुदायिक भवन, पवनपुरी बीकानेर तक रखा गया। इस प्रोग्राम में लगभग २०० प्रतिभागी शामिल हुए। बिग बी के सभी विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ इस इवेंट में हिस्सा लिया।


प्रोग्राम की समाप्ति पर बिग बी के संचालक विजय दिरानी ने मुख्य अतिथि महावीर रांका जी तथा इस प्रोग्राम के सहयोगी सोनी स्पोर्टस साइकिल के मालिक श्री गणेश सोनी, वृक्षित फाउन्डेशन के अध्यक्ष सोहिल भाटी, उपाध्यक्ष गोविन्द छींपा तथा इस प्रोग्राम को प्रबन्ध करने वाले बिग बी के स्टाफ मेम्बर जावेद मांगलिया सर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया एवं इवेंट में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से सर्टिफिकेट्स दिये गये ।


संचालक विजय दिरानी ने विद्यार्थियों को बताया कि जिस प्रकार आज विजयदशमी के दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था, उसी प्रकार हम सभी को मिलकर आज जो बीमारियों को महाजाल फैला हुआ है उसे साइक्लिंग, योगा तथा स्पोर्टस् एक्टिविटी के द्वारा मिटाना होगा और पर्यावरण को प्रदूण मुक्त बनाना होगा तभी आज के दिन विजयदशमी की सार्थकता सिद्ध होगी।

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बीकानेर:विश्व विख्यात पुष्करणा सावा 18 फरवरी 2022 को हुआ फाइनल

बीकानेर बुलेटिन


विद्वानों की चर्चा के बाद पुष्करणा सावा भवानीशंकर-अम्बिका नाम से 18 फरवरी 2022 को हुवा फाइनल 

विद्वान पंडितों के गहन शास्त्रार्थ के बाद पुष्करणा ओलंपिक सावा 18 फरवरी 2022 को तय हुआ है:-

कम खर्च में विवाह करने के आदर्श उदाहरण के रूप में विख्यात बीकानेर का पुष्करणा सावा इस बार 18 फरवरी 2022 को होगा। सामूहिक विवाह के इस आयोजन में सैकड़ों युवक-युवती विवाह बंधन में बंध जाते हैं और एक साथ अधिक शादियां होने के कारण चाहकर भी ज्यादा खर्च नहीं कर पाते।

दशहरे पर बीकानेर के शिव मंदिर में कई घंटे तक शास्त्रों पर चर्चा के बाद 18 फरवरी की तारीख तय की गई। भगवान शिव और मां पार्वती को आदर्श मानते हुए उनके नाम से ही श्रेष्ठ मुहुर्त पर कई घंटे तक पंडित चर्चा करते हैं। इसके बाद एक श्रेष्ठ तारीख तय की जाती है। इस बार ये तारीख 18 फरवरी तय की गई है। माना जा रहा है कि इस सीजन में इससे श्रेष्ठ विवाह मुहुर्त नहीं हो सकता। इस बार भवानीशंकर-अंबिका के नाम से सावा तय हुआ है। विवाह के साथ ही उपनयन संस्कार का सावा भी तय किया गया है। किस दिन उपनयन संस्कार हो सकता है, इसका डिटेल कार्यक्रम भी एक-दो दिन में जारी होगा।


क्या है इसका उद्देश्य

बीकानेर के पुष्करणा सावे का सबसे बड़ा कारण विवाह में होने वाली फिजुलखर्ची को रोकना है। आमतौर पर जो लोग लाखों रुपए विवाह में खर्च कर देते हैं, वो सावे में महज औपचारिक खर्च कर पाते हैं। एक ही दिन में बड़ी संख्या में विवाह होने के कारण बारात में पचास-साठ लोग भी बड़ी मुश्किल से जुट पाते हैं। पिछले कुछ सालों में सावे में लोग विवाह कम करते हैं, फिर भी ये संख्या हर बार दो सौ से अधिक जोड़ों तक पहुंच जाती है।

यहां से आते हैं समाज के लोग

बीकानेर के अलावा पुष्करणा समाज के लोग कोलकाता में रहते हैं। हर बार सावे पर बड़ी संख्या में कोलकाता से लोग बीकानेर आते हैं और यहां अपने बच्चों का विवाह करके कुछ ही दिन में वापस लौट जाते हैं।

चट मंगनी, पट ब्याह

ये कहावत भी पुष्करणा सावे पर लागू होती है। देशभर से पुष्करणा समाज के लोग बीकानेर आते हैं, इस दौरान लड़के-लड़की की तुरंत सगाई भी हो जाती है और कुछ दिन में ब्याह भी। श्रेष्ठ मुहुर्त होने और कम खर्च के कारण भी लोग शादी करने यहां आते हैं।

पुष्करणा ओलंपिक भी कहते हैं

पहले पुष्करणा सावा हर चार साल में एक बार होता था लेकिन कुछ साल पहले इसकी अवधि को घटाकर चार से दो वर्ष कर दिया गया।

परकोटा ही होता है मैरिज पैलेस

इस दौरान इतनी शादियां होती है कि परकोटे में बसा बीकानेर ही मैरिज पैलेस की तरह सज जाता है। लगभग हर मोहल्ले में विवाह होते हैं। अधिकांश मैरिज पैलेस पहले ही बुक हो जाते हैं। हर तरफ विवाह का कोई न कोई आयोजन हो रहा होता है। ऐसे में पूरा परकोटा ही विवाह कार्यक्रम स्थल की तरह लगता है।

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बीकानेर:स्कूलों के समय में परिवर्तन एक बार फिर दीपावली तक स्थगित

बीकानेर बुलेटिन






शिक्षा विभाग ने राजस्थान के सरकारी स्कूलों के समय में परिवर्तन एक बार फिर दीपावली तक टाल दिया है। पहले 16 अक्टूबर से स्कूलों का समय सर्दी के मद्देनजर बदलने वाला था। माना जा रहा है कि सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स की बढ़ी हुई संख्या के चलते समय में फेरबदल में जल्दबाजी नहीं की जा रही है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने शुक्रवार रात जारी आदेश में कहा है कि शीतकालीन अवधि के हिसाब से एक अक्टूबर को समय बदला जाना था। इसे बढ़ाकर 15 अक्टूबर किया गया, लेकिन अब सात नवम्बर तक स्कूलों में अवकाश होने और शीतकाल भी बाद में आने से समय में फेरबदल का निर्णय टाल दिया गया है। अब सात नवम्बर के बाद ही स्कूलों का समय बदला जाएगा। तब भी ये समय परिवर्तन होगा या नहीं, अभी स्पष्ट नहीं है। जो स्कूल एक परिसर में ही संचालित हो रहे हैं, वहां सुबह साढ़े सात बजे से समय यथावत रहेगा, जबकि दूसरी पारी का समय 12:30 बजे से रहेगा।

क्या है कारण

सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि बरामदों में बिठाना पड़ रहा है। अगर अभी समय बदल दिया गया तो दोपहर में तेज गर्मी में बच्चों को बिठाना मुश्किल हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 नवम्बर के आसपास ही सर्दी शुरू होगी। तब बच्चों को बरामदों में बैठाने में दिक्कत नहीं होगी।

अभी ये रहेगा समय

एकल स्कूल का समय सुबह 7:30 से दोपहर 1 तक रहेगा। ये स्कूल वो हैं, जो एक परिसर में एक ही संचालित हो रहे हैं। जिन परिसरों में दो स्कूल संचालित हो रहे हैं, वहां सुबह की पारी सुबह 7 से दोपहर 12:30 बजे तक है। दूसरी पारी का समय दोपहर 12:30 से शाम 6 बजे तक रहता है।

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