Sunday, September 25, 2022

निर्माणाधीन ओवरब्रिज का हिस्सा गिरा, हादसे में 6 लोग घायल, देखे वीडियो

बीकानेर बुलेटिन





बीकानेर। रामपुरा बस्ती एरिया में बन रहा एक पुल रविवार दोपहर अचानक गिर गया। पुल के आसपास काम कर रहे सात लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर पहुंचाया गया है। जिसमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।बीकानेर के लालगढ़ रेलवे स्टेशन से निकलने वाली गाडिय़ों के कारण बाधित हो रहे रास्ते को सुचारू करने के लिए पुल बन रहा है। पिछले चार साल से बहुत ही सुस्त चाल से ये पुल बन रहा है। रविवार दोपहर पुल का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके साथ लगा लोहा-सरिया और सपोर्ट में लगाए गए पाइप भी गिर गए। मलबा काफी एरिया में फैलने के कारण आसपास से निकल रहे और वहीं पर काम कर रहे सात लोग घायल हो गए। घायलों को ट्रोमा सेंटर पहुंचाया गया है। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि शेष छह को सामान्य चोट आई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद नयाशहर पुलिस मौके पर पहुंची है। ये सभी यहां काम कर रहे थे और सभी गोरखपुर के रहने वाले हैं।ये पुल राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कॉरपोरेशन (आरएसआरडीसी) की ओर से बन रहा है। इस काम के लिए रेणु इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास वर्क ऑर्डर है। पुल में दो तरफ का ट्राफिक डायवर्ट होना है। पुल टी आकार में बन रहा है ताकि दोनों तरफ से लोग पुल पर चढ़ सकें और रास्ता पार कर सके। फिलहाल रेलवे ट्रेक होने के कारण भारी वाहनों को काफी घूमकर आना पड़ता है।


 आरएसआरडीसी बहुत सुस्त गति से यहां काम करवा रहा है। पुल का अधिकांश हिस्सा बन चुका है, लेकिन अंतिम रूप नहीं दिया जा रहा। जो हिस्सा गिरा है, वहां पुल की सड़क का काम अभी बाकी है। इसे ही बनाते समय हादसा हुआ है।​​​​​​नयाशहर थानाधिकारी वेदपाल ने बताया कि शटरिंग सहित कुछ हिस्सा गिरने से वहां काम कर रही लेबर को चोट आई है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।घायलों की पहचान गोरखपुर निवासी 22 वर्षीय सूरज पुत्र विश्वकर्मा, गोरखपुर निवासी सत्यजीत पुत्र विश्वकर्मा, राजकुमार, 50 वर्षीय प्रहलाद पुत्र रामनारायण, 22 वर्षीय सुरेंद्र पुत्र संधू, 22 वर्षीय प्रकाश पुत्र श्रीनाथ, 22 वर्षीय कमलेश पुत्र सुभाष व कानासर निवासी 60 वर्षीय जेठादेवी पत्नी नेमाराम के रूप में हुई है।

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MGSU होगी चन्दन मयी, चंदन के संरक्षण और संवर्धन से बढ़ेगा बीकानेर का गौरव

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अखिल भारतीय चंदन संरक्षण और संवर्धन हेतु महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर परिसर में भूमि चिन्हित

भारतीय वनों वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के शुष्क वन अनुसंधान संस्थान जोधपुर के निदेशक एम आर बालोच व  महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रोफेसर वीके सिंह के मध्य होने वाले एमओयू के तहत "अखिल भारतीय परियोजना के तहत चंदन के संरक्षण सुधार प्रबंधन एवं संवर्धन" हेतु भूमि चिन्हित की गई है। 

महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वीके सिंह ने बताया कि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार की इस महत्व योजना में मरुभूमि में चंदन के वृक्षों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाएगा। इस प्रो. सिंह ने बताया कि भारत सरकार की इस महत्ती परियोजना हेतु महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में भूमि का चयन किया जा चुका है, तथा उसकी चारदिवारी का काम शीघ्र ही प्रारंभ किया जा रहा है। आने वाले समय में इस चंदन परियोजना का लाभ मरू प्रदेश के लोगों को मिलेगा।

महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर अनिल कुमार छंगाणी विश्वविद्यालय की तरफ से इस परियोजना के समन्वयक होंगे, तथा शुष्क वन अनुसंधान संस्थान के डॉक्टर एनके बोहरा वरिष्ठ वैज्ञानिक उक्त परियोजना के समन्वयक होंगे।

डॉक्टर बोहरा ने बताया कि लगभग 16 वर्षीय इस परियोजना हेतु पांच 5 मीटर के अंतराल से 200 चंदन के वृक्ष लगाए जाएंगे जिनके आसपास माइक्रोक्लाइमेट हेतु स्थानीय  फल एवम् कृषि प्रजातियों का भी उत्पादन भी किया जाएगा।

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व्हाट्सएप क्लोन से रहे सावधान, आपका डेटा नही सुरक्षित, बीकानेर में ठगी का हुवे शिकार, पढ़े पूरी ख़बर

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बीकानेर। (पत्रकार रोशन बाफना) ऑनलाइन ठगों ने ऐसा तांडव मचा रखा है कि डिजिटल इंडिया की बात अब बेमानी लगने लगी है। फेसबुक क्लोनिंग के माध्यम से ठगी रुकी नहीं थी कि अब वाट्सएप पर भी ठग गैंग जाग चुका है। ताज़ा मामला सदर थाना क्षेत्र निवासी संजय शर्मा से जुड़ा है। किसी ठग ने संजय के मोबाइल का डेटा चुरा लिया। उनकी कॉन्टेक्ट लिस्ट सहित उनके फोटो आदि भी ठग के पास किसी तरह गए हैं। शुक्रवार को पूरे दिन संजय के नाम से उसके दोस्तों से पैसे मांगे गए। मोबाइल नंबर 8133817272 नंबर से बने वाट्सएप पर संजय की डीपी लगी थी। उसका नाम भी लिखा था। ठग ने वाट्सएप मैसेज कर संजय के नाम से 10-15 हजार रूपए मांगे। कहा कि वह अस्पताल में भर्ती हैं। सबूत के तौर पर अस्पताल में भर्ती होने का एक फोटो भी भेजा।

संजय का पड़ोसी धर्मेंद्र तो इस ठग की चपेट में आ ही गया। अज्ञात नंबर देखकर भी उसने दस हजार रूपए ठग द्वारा भेजे के क्यू आर कोड पर भेज दिए। फोटो जर्नलिस्ट दिनेश गुप्ता के पास भी यही मैसेज आया। अस्पताल में भर्ती होने का फोटो भेजा गया। गुप्ता ने कहा कि वह अस्पताल ही आ जाएंगे, बताओ कौनसी अस्पताल में भर्ती हो। इस पर ठग ने कहा, 'भरोसा नहीं है क्या'। यहीं से गुप्ता को शक हुआ। एक अन्य कॉमन फ्रेंड से बात की गई। इस पर संजय के नंबर मिले। संजय से बात करने पर कहानी स्पष्ट हो गई, इस तरह समझदारी की वजह से गुप्ता ठगी का शिकार होने से बच गए।

संजय के अनुसार अस्पताल का जो फोटो ठग द्वारा भेजा जा रहा है, वह कुछ समय पूर्व का है। असल में उन्होंने एसबीआई की लाइफ इंश्योरेंस करवाई थी। जिसके तहत कुछ मेडिकल टेस्ट रिपोर्ट्स भी पेश करनी थी। इसलिए उन्होंने एक्स रे गली के एक लैब में जांच करवाई। यह फोटो उसी लैब का है।

आख़िर कैसे गया ठग के पास फोटो: संजय के अनुसार यह फोटो उन्होंने कहीं सोशल मीडिया पर तो अपलोड नहीं किया था। फोटो उनके मोबाइल की गैलरी में था, इसके अतिरिक्त इंश्योरेंस वालों को दिया गया था। ऐसे में ठग के पास यह फोटो तथा मोबाइल डायरेक्टरी कैसे पहुंची, यह जांच का विषय है। 

-क्या बैंक, इंश्योरेंस व लोन कंपनियां कर रही डेटा लीक: बैंक, इंश्योरेंस व लोन कंपनियों के पास ग्राहकों के अधिकतम डेटा उपलब्ध होते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या इन संस्थाओं के द्वारा ग्राहकों के डेटा बेचे जा रहे हैं। पुलिस को ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए इसकी तह तक जाना चाहिए।

-क्या मोबाइल नहीं सुरक्षित:- फेसबुक के बाद अब वाट्सएप से भी ठगी हो रही है, मगर ठगों द्वारा उपयोग में लिए जा रहे वाट्सएप नंबर उनके स्वयं के या फर्जी होते हैं। संजय के मामले में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या ठग ने उसका मोबाइल हैक कर लिया था? मोबाइल की कॉन्टेक्ट डायरेक्टरी तथा मोबाइल गैलरी का फोटो ठगों के पास होना खतरनाक है। ऐसे में डिजिटल सुरक्षा खतरे में है। 

सिस्टम को इस पर काम करते हुए तह तक जाना चाहिए। देखें फोटो



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