Monday, January 18, 2021

अवैध व हथकढ़ मदिरा का कारोबार करने वालों की धरपकड़ की जाए-मेहता

बीकानेर बुलेटिन

वीडियो काॅन्फ्रेस के माध्यम से उपखण्ड अधिकारियों को दिए निर्देश

बीकानेर, 18 जनवरी। जिले में अवैध व हथकढ़ शराब के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए सोमवार को जिला कलक्टर नमित मेहता ने वीडियो कान्फ्रेस के माध्यम से इस बाबत संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और कहा अभियान के दौरान अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करें जिसमें कोई कोताही नहीं बरतेें।  

जिला कलक्टर मेहता ने कहा कि हाल ही में भरतपुर जिले में हुई शराब दुखांतिका को राज्य सरकार द्वारा गंभीरता से लिया गया है। ऐसे में यह आवश्यक है कि जिले में अवैध व हथकड़ शराब पर रोक लगाने की प्रभावी कार्यवाही की जाए एवं दोषियों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जाए।

उन्होंने अवैध व हथकढ़ मदिरा की धरपकड़ एवं इसे रोकने का 15 दिवसीय विशेष निरोधात्मक अभियान की उप खण्ड अधिकारी, वृताधिकारी पुलिस, आबकारी निरीक्षक से जानकारी लेते हुए इसमें लिप्त लोगों को चिन्हीत करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने प्रशासन, पुलिस एवं आबकारी विभाग को आपसी समन्वय रखते हुए इसमें लिप्त लोगों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

मेहता ने कहा कि पुलिस एवं जिला आबकारी अधिकारी समन्वय कर मदिरा के अवैध निर्माण, उत्पादन, परिवहन, संग्रहण एवं बिक्री पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग समन्वय से जिले के लिए विशिष्ठ कार्य योजना बनाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मदिरा दुकान या अनुज्ञाधारी एवं अन्य के द्वारा अन्य राज्यों की अवैध मदिरा संग्रहित होने या मदिरा बोतलों से छेड़छाड़ कर टेम्परिंग करने पर कठोर कार्यवाही की जाए।


  मेहता ने हाईवे पर स्थित ढाबों, हाईवे से गुजरने वाले स्प्रिट टेंकर्स आदि की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए और कहा कि संदिग्धता पाए जाने पर आवश्यक वैद्यानिक कार्यवाही की जाए। अवैध मदिरा की रोकथाम के लिए नकली, हथकड़, अवैध एवं अन्य राज्यों की मदिरा बाहुल्य वाले गांव को चिन्हित किया जाकर उक्त गांव में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बारे में सूचना एकत्रित कर सम्पूर्ण डाटा बेस तैयार किया जाए और उनके विरुद्ध समन्वित कार्यवाही की जाए। उन्होंने बताया कि अभियान की जिला स्तर पर जिला प्रशासन प्रतिदिन मॉनेटरिंग एवं पर्यवेक्षण कर रहा है। विशेष अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गम्भीरता से लिया जाएगा एवं संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। अनुज्ञापत्रधारी शराब की दुकानें निर्धारित समय पर बन्द हों। निर्धारित समय के बाद भी यदि कोई व्यक्ति शराब बेचता पाया जाये तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही करें।

जिला पुलिस अधीक्षक प्रीति चंद्रा कहा कि राज्य सरकार ने अवैध शराब और हथकढ़ शराब के कारोबार को गंभीरता से लिया है। अगर किसी जिम्मेदार अधिकारी के क्षेत्र मंे कोई अनहोनी होती है तो वह इसके लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि अवैध शराब तथा हथकढ़ शराब के खिलाफ की गई कार्यवाही की वीडियोग्राफी करवाई जाए। इस अवसर पर जिला आबकारी अधिकारी भवानी सिंह राठौड़ ने बताया कि लूणकरनसर, बज्जू और खाजूवाला में लाॅकडाउन के दौरान हथकढ़ शराब के प्रकरण सामने आए थे। वीडियो काॅन्फ्रेंस मंे जिला परिवहन अधिकारी जे.के.माथुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.सुकुमार कश्यप मौजूद थे। सभी उप खण्ड अधिकारी एवं वृताधिकारी पुलिस वीडियो काॅन्फ्रेसिंग से जुड़े।  

Labels:

भाजपा नेता रविशेखर मेघवाल ने किया भगवती किराना स्टोर का शुभारम्भ

बीकानेर बुलेटिन




बीकानेर@  केईएम रोड, मिनर्वा सिनेमा के पास भगवती किराना स्टोर का भव्य शुभारंभ सोमवार को हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के नेता रवि शेखर मेघवाल, मेयर नगर निगम श्रीमती सुशीला कंवर, डिप्टी मेयर नगर निगम राजेंद्र पवार के कर कमलों द्वारा भव्य शुभारंभ हुआ। इस मौके पर संचालक समाजसेवी भाजपा नेता श्याम मोदी एवं राम मोदी ने अतिथि गणों का स्मृति चिन्ह भेंट करके स्वागत अभिनंदन किया। संचालक राम मोदी ने बताया संबंधित किराना स्टोर में ग्राहकों की सुविधा के लिए सभी किराणा का साफ -सुथरा सामान एवं थोक सभी तरह एक ही छत के नीचे उपलब्ध रहेगा। मौके पर व्यापारी समाज सेवी पूनम मोदी, जितेंद्र नैयर, फिल्म निर्माता महफूज कोहरी, समाजसेवी दिनेश मोदी, भाजपा नेत्री श्रीमती निर्मला खत्री, मोहिनी देवी, जय श्री बजाज,  उमा मोदी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Labels:

एमजीएसयू के अंग्रेजी विभाग में राइज कोविड स्टोरीज ऑफ हेमांग राष्ट्र का हुआ लोकार्पण, सकारात्मक सृजनधर्मिता समाज के लिए लाभदायक : डाॅ0 महेश चन्द्र शर्मा

बीकानेर बुलेटिन



साहित्य समाज का दर्पण होता है किन्तु कुछ साहित्यकारों द्वारा इसे समाज की नकारात्मकता अभिव्यक्त करने का ही माध्यम बना लिया गया है, इन रचनाओं में दिखाया जाता है कि समाज में कुछ भी ठीक नहीं है, इससे समाज में विखराव की स्थिति पैदा हुई है। इस मायने में प्रस्तुत पुस्तक ’राइज कोविड स्टोरीज आंव हेमांग राष्ट्र’ एक सराहनीय सृजनधर्मी प्रयास है। लेखक ने कोरोना काल के दौरान उत्पन्न सकारात्मकता जिसने समाज को बांधे रखा है, को बखूबी प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।” उपरोक्त विचार प्रसि़द्ध शिक्षाविद् एवम् सामाजिक कार्यकत्र्ता डाॅ0 महेश चन्द्र शर्मा ने प्रो0 सुरेश कुमार अग्रवाल की पुस्तक राइजः कोविड स्टोरीज आव हेमांग राष्ट्र के आन लाइन विमोचन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए व्यक्त किये।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो0 पी0के0 दशोरा ने कहा कि “स्वतं़त्र्यात्तोर भारत में लिखा गया अधिकांश साहित्य इस बात को भी अभिव्यक्त करता है कि मनुष्य अब एक श्रेष्ठ प्राणी नहीं रह गया - इस तरह के साहित्य में मानव द्वारा किये जा रहे अमानवीय कृत्यों का ही जिक्र होता है। इसी तरह का सहित्य विश्वस्तर पर पुरस्कारों से नवाजा भी जाता है। इस तरह के साहित्य के आधार पर आने वाली पीढ़ियाँ इस तरह की अवधरणा बना लेगी कि हमारे पूर्वज मूलतः अमानवीय प्रवृत्ति के थे। इस से भिन्न “राइज” नामक कहानी संग्रह कोरोनाकाल एवम् लाॅक डाउन को पृष्ठभूमि में रखकर मनुष्य के मनुष्य के रूप में कृत्तित्व की सशक्त अभिव्यक्ति है।

 कार्यक्रम में बोलते हुए अंग्रेजी के आचार्य एवम् हिमाचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो0 एस.डी. शर्मा ने कहा कि पुस्तक कोरोना एवम् लाॅक डाउन के पश्चात् भारत के विश्वशक्ति के रूप में उदय की अभिव्यक्ति है। लेखक ने पुस्तक को तीन भागों में विभक्त कर प्रत्येक भारतीय के इस भारत उदय में योगदान की चर्चा की है। लेखक ने उस भारतीय चरित्र को व्यक्त किया है जो इसे संकट एवम् कठिनाई के समय में एक जुट रहने एवम् पारस्परिक सहयोग के लिये प्रेरित करता है।

इलाहबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी के वरिष्ठ आचार्य प्रो0 एस. के. शर्मा ने कहा कि पुस्तक का प्रत्येक पृष्ठ एक संदेश है, पुस्तक में सम्मिलित प्रत्येक कहानी तथ्यों पर आधारित कथा है और इस बात को सफलतापूर्वक अभिव्यक्त करती है कि भारतीय जीवन का मूल कत्र्तव्यपरायणता” इसे अन्य देशों से भिन्न एवम् विशिष्ट बना देता है। लेखक ने पुस्तक को “इंगलिश” में नहीं अपितु भारतीय परिवेश के अनुरूप “हिंगलिश” एवम् आंइगलिश” में लिखने का प्रयास किया है।

विशेष अतिथि पत्रकार दिनेश स्वामी ने कहा कि पुस्तक में सम्मिलित कहानियों की जीवंतता पाठक को इस बात के लिये विवश करती है कि वह इसे आखिरी पृष्ठ तक पढ़े। कहानियाँ कोरोना काल के दृश्यों को पाठक के समक्ष प्रभावी रूप में प्रस्तुत करने में सफल रही है। ’

पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए डूंगर महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ कृष्णा तोमर ने कहा कि पुस्तक अपने आप में एक किताब ना होकर कोविड काल का ग्रंथ है जो आने वाली पीढ़ियों को लाभान्वित करेगा।

एमजीएसयू के इतिहास विभाग की डॉ मेघना शर्मा ने पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए कहा इस पुस्तक में आर के नारायण के मालगुडी की तरह एक काल्पनिक नगर श्रीधर नगर की बात की गई है जिसके आसपास कहानियों के सभी चरित्र घूमते हैं और जो महामारी काल का बखूबी प्रतिनिधित्व करते हैं।

अंग्रेजी विभाग की डॉ प्रगति सोबती ने भी पुस्तक पर अपने विचार रखे।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 वी.के. सिंह ने कहा “स्वतंत्र भारत में अंग्रेजी पठन पाठक एवम् लेखन का उद्धेश्य भारतीयता का प्रचार-प्रसार होना चाहिये। पुस्तक “राइज” एक राष्ट्रीय संभाषण है। कहानियों के सभी पात्र राष्ट्रीयता से ओतप्रोत है।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में संयोजक एवम् अंग्रेजी की वरिष्ठ सह आचार्य डाॅ0 दिव्या जोशी ने कहा कि पुस्तक में सम्मिलित कहानियाँ पुस्तक के शीर्षक की सार्थकता को व्यक्त करती है। उन्होंने पुस्तक संश्लेषण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पुस्तक में सम्मिलित कहानियाँ संवेदनशीलता को मूत्र्त रूप प्रदान करती है। उन्होंने पुस्तक से उन कथानकों को उद्ध्रत किया जो पाठक को अपनी ओर आकर्षित करती है। कार्यक्रम की शुरूआत पुस्तक के लेखक प्रो0 एस.के0 अग्रवाल द्वारा पुस्तक परिचय से हुई। कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य श्रीमति संतोष कँवर शेखावत ने किया।

Labels:

कलेक्टर मेहता ने किया स्कूलों का निरीक्षण,देखी व्यवस्था

बीकानेर बुलेटिन



बीकानेर। जिला कलक्टर नमित मेहता ने आज शहर व गांव की कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण कर वहां पर कोविड-19 की पालना सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें बताया कि आप स्वयं को भी कोविड-19 की गाइडलाइन की पालना करनी है । जो नियम सरकार द्वारा बनाए गए हैं उनकी पालना करें। अपना स्वयं का ध्यान रखें। सेनेटाइजर साथ रखें और इनका उपयोग करें। कक्षा में विशेषकर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। 

मेहता ने कोहरे के बीच निजी और सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यास कॉलोनी आरएसवी स्कूल को भी देखा। स्कूल के संस्थापक और प्राचार्य सुभाष स्वामी ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से जारी संपूर्ण गाइड लाइन की पालना स्कूल में की जा रही है।

जिला कलक्टर नमित मेहता ने उदासर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। विद्यालय के कक्षा कक्ष में विद्यार्थी कोविड 19 की गाइड लाइन की करते देखे गए।
इस दौरान क्लास में सेनेटाइजर रखे हुए थे। इसकी सराहना की गई। जिला कलक्टर ने छात्रों से कोविड-19 की गाइड लाइन की पालना के लिए बनाए गए नियमों की जानकारी ली । सभी छात्रों ने एक एक कर कोरोना की गाइडलाइन के बारे में जानकारी दी। जवाब सुन जिला कलक्टर ने छात्रों की हौसला अफजाई की।

Labels:

बड़ी खबर:- रात्रि कर्फ्यू समाप्त 'सीएम गहलोत ने कोविड-19 समीक्षा बैठक में कुछ छूट चरणबद्ध रूप में देने का निर्णय लिया

बीकानेर बुलेटिन




राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में अब रात्रिकालीन कर्फ्यू को हटाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज कोविड-19 बैठक में इस तरह के दिशा निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में कहा कि हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना होना आवश्यक है अगर इसकी पालना नहीं की गई तो संक्रमित हो की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी नौबत ना आए कि सख्त निर्णय लेने पड़े। इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करके जानकारी दी है।

Labels: , ,

फाइजर की कोरोना वायरस वैक्‍सीन की पहली डोज लेने के बाद 23 की मौत, साइड इफेक्ट से गई 13 की जान

बीकानेर बुलेटिन




कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ दुनियाभर में बड़े स्तर पर टीकाकरण का अभियान चल रहा है. कई महीनों से वैक्सीन आने का इंतजार कर रहे लोगों ने अब राहत की सांस ली है. लेकिन इन सबके बीच फाइजर वैक्सीन पर सवाल भी उठ रहे हैं. बता दें कि नॉर्वे में अब तक वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद 23 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से ज्यादातर लोग बुजुर्ग थे.


13 लोगों की मौत वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से हुई

वहीं न्यूयार्क पोस्ट ने हेल्थ डिपार्टमेंट के हवाले से जानकारी दी है कि इनमें से 13 लोग ऐसे हैं जिनकी मौत वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की वजह से हुई. ये सभी नर्सिंग होम में भर्ती थे और इनकी उम्र कम से कम 80 साल थी. गौरतलब है कि नॉर्वे में नए साल शुरू होने से चार दिन पहले ही कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ था और यहां अब तक 33 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है.


वैक्सीन लगवाने संबंधी गाइडलाइंस बदली गई


नॉर्वे मेडिसन एजेंसी के मुख्य चिकित्सक सिगर्ड हॉर्टेमो ने शुक्रवार को जारी किए गए अपने बयान में कहा, ‘बुखार और उल्टी आदि वैक्सीन लेने के बाद नॉर्मल प्रतिक्रियाएं हैं, लेकिन कुछ गंभीर मरीजों में ये काफी घातक रिजल्ट दे सकती हैं,’ गौरतलब है कि नॉर्वे में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद हुई मौतों के बाद वैक्सीन लगवाने संबंधी गाइडलाइंस भी बदल दी गई हैं. अधिकारियों ने बताया कि 21 महिलाओं और 8 पुरुषों में वैक्सीन के दुष्प्रभावों का पता चला है.


जांच के बाद वैक्सीन लगाई जाए


वहीं देश की मेडिसन एजेंसी के मेडिकल डायरेक्टर ने कहा, ‘ डॉक्टरों को काफी अलर्ट रहकर वैक्सीन लगाए जाने वाले लोगों की पहचान करनी जरूरी है. जो गंभीर रूप से बीमार हैं या जिनकी हालत बेहद नाजुक है उन्हें जांच के बाद ही वैक्सीन लगाई जानी चाहिए.’


जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, नॉर्वे में कुल 57,000 से अधिक मामले और 500 कोरोनोवायरस से संबंधित मौतें हुई हैं. वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि नर्सिंग होम की आबादी में प्रत्येक सप्ताह लगभग 400 लोगों की मौत हो जाती है.


नार्वे मेडिसीन एजेंसी के साथ काम कर रही है फाइजर कंपनी


वहीं एक फाइजर प्रतिनिधि ने कहा कि नॉर्वे में वैक्सीनेशन के बाद कंपनी "रिपोर्टेड डेथ्स से अवगत" है और सभी संबंधित जानकारी एकत्र करने के लिए नार्वे मेडिसीन एजेंसी के साथ काम कर रही है.बता दें कि नॉर्वे में 30 हजार से ज्यादा लोगों  को पीछले महीने के अंत से फाइजर या मॉडर्ना कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी क मुताबिक, नॉर्वे में कोरोना वायरस के मरीजों की कुल संख्या 58,202 है, जबकि इससे मरने वालों की संख्या 517 है.

Labels:

प्रदेश में 4.14 लाख बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों को होगा राशन का वितरण’राशन का वितरण पोस मशीन के माध्यम से हुआ शुरू’

बीकानेर बुलेटिन



जयपुर,17 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के निर्देशानुसार प्रदेश में दुबारा किए गए सर्वे के दौरान चिन्हित किए गए ऎसे बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवार जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित नहीं है ऎसे 4.14 लाख बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए 13 हजार 734 मैट्रिक टन गेहूं एवं लगभग 648 मेट्रिक टन साबुत चना का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। इन परिवारों को एक मुश्त 10 किलो गेहूं प्रति व्यक्ति एवं 2 किलो चना साबुत प्रति परिवार निःशुल्क वितरण किया जाएगा।  इन परिवारों को राशन का वितरण का कार्य पोस मशीन के माध्यम से प्रारंभ हो गया है।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव श्री नवीन जैन ने बताया कि आवंटित किए गए गेहूं एवं चना का वितरण केवल नॉन एनएफएसए के बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों को ही किया जाएगा।उन्होंने बताया कि लाभार्थी को खाद्यान्न प्राप्त करते समय अपना जन-आधार या आधार कार्ड लेकर आना होगा। उचित मूल्य दुकानदार  गेहूं एवं चना बांटते समय मोबाइल पर लाभार्थी का आधार या जन- आधार नंबर डालने पर ओटीपी प्राप्त होने पर ही राशन का वितरण कर सकेगा।

उन्होंने बताया कि अगर किसी लाभार्थी का जनाधार या आधार में दर्ज मोबाइल नंबर बदल गया है तो उसी समय नया मोबाइल नंबर अपडेट करवा कर उस पर ओटीपी प्राप्त कर अपना राशन ले सकेगा।

शासन सचिव ने बताया कि राशन वितरण के दौरान कोरोना वायरस से बचाव के लिए जारी SOP का पूर्णता ध्यान रखना होगा। वितरण संबंधी सभी स्थानों को समय-समय पर सैनिटाइजर करवाया जाना जरूरी होगा।


गौरतलब है कि सरकार ने कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों को मध्य नजर रखते हुए ऎसे बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों का सर्वे करवाया था जिन्हें राशन सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता नहीं थी ऎसे में विभाग द्वारा विशेष सर्वेक्षण की तर्ज पर एक बार दोबारा सर्वेक्षण करवाया गया जिसमें 4.14 लाख परिवार सहित 15 लाख 36 हजार व्यक्ति चिन्हित किए गए थे।

Labels:

मुख्यमंत्री ने दी प्रस्तावों को स्वीकृति विवाह पंजीकरण प्रक्रिया आसान होगी, जन्म पंजीकरण की अवधि बढ़ेगी

बीकानेर बुलेटिन



जयपुर, 17 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में विवाहों के पंजीकरण तथा जन्म रजिस्ट्रीकरण की प्रक्रियाओं में सुधार कर इन्हें आसान बनाने का निर्णय लिया है। इससे राजस्थान में विवाह अधिनियम तथा जन्म पंजीकरण के नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जा सकेगी।

श्री गहलोत ने इसके लिए राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2009 और राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000 में आवश्यक संशोधन करने के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। 

आयोजना एवं सांख्यिकी विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, राजस्थान विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2009 में प्रस्तावित संशोधन कर राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों में जिला विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अतिरिक्त जिला विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और ब्लॉक विवाह रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, इस अधिनियम के तहत विवाह पंजीकरण की आयु और रजिस्ट्रीकरण के लिए ज्ञापन की विधि आदि से संबंधित संशोधन कर रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।

इसी प्रकार, राजस्थान जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000 में संशोधन के लिए आयोजना एवं सांख्यिकी विभाग के एक अन्य प्रस्ताव के अनुसार, बालक या बालिका के जन्म रजिस्ट्रीकरण को 15 वर्ष से अधिक हो जाने की स्थिति में भी रजिस्ट्रीकरण के नये नियमों के लागू होने के 5 वर्ष बाद तक नाम दर्ज करवाए जा सकेंगे। जन्म रजिस्ट्रीकरण को 15 वर्ष से अधिक हो जाने पर नाम दर्ज करवाने के लिए 5 रूपये विलम्ब शुल्क देय होगा।

Labels:

हाईटेक बीकानेर नगर निगम:- कॉल सेन्टर का उद्घाटन शीघ्र, निगम के वाहनों पर जीपीएस से नजर रखने के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था भी रहेगी

बीकानेर बुलेटिन



नगर निगम से संबंधित समस्याओं को अब आमजन कॉल सेन्टर पर दर्ज करवा सकेंगे। इसके लिए निगम के 27 नम्बर कक्ष में कॉल एवं मॉनिटरिंग कक्ष स्थापित किया गया है। इस सेन्टर के माध्यम से न केवल आमजन से प्राप्त समस्याओं को संबंधित अनुभाग तक भिजवाया जाएगा बल्कि निस्तारण होने पर संबंधित को इसकी सूचना भी भेजी जाएगी। कॉल सेन्टर के लिए निगम अलग से फोन नम्बर जारी करेगा।

इस कॉल एवं मॉनिटरिंग सेन्टर का उद्घाटन जल्द होगा। प्रयास स्तर पर इसमें कार्य की शुरूआत की गई है। महापौर सुशीला कंवर के अनुसार कॉल सेन्टर में निगम के वाहनों पर जीपीएस से नजर रखने के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था भी रहेगी। निगम के ट्रेक्टर, जेसीबी, रोड स्विपर, ऑटो टिप्पर सहित सभी वाहन जीपीएस पर रहेंगे। इस कक्ष से उनकी टीवी पर मॉनिटरिंग होगी। समाधान एप और फोन नम्बर पर समस्या की सूचना दर्ज की जाएगी।

ऐसे होगा समस्या का समाधान

आमजन अपनी समस्या को कॉल सेन्टर के नम्बर पर दर्ज करवाएगा। उसी समय यह समस्या संबंधित अनुभाग एवं संबंधित अधिकारी तक पहुंचाई जाएगी। समस्या का समाधान होने पर संबंधित अधिकारी कॉल सेन्टर को इसकी जानकारी देगा। सेन्टर संबधित शिकायतकर्ता को इसकी सूचना देगा। आमजन इस कॉल सेन्टर में प्रकाश व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, बेसहारा पशु सहित निगम संबंधित कार्यो को लेकर अपनी सूचना दर्ज करवा सकेंगे। इस सेंटर का प्रभारी रिद्धकरण प्रजापत को नियुक्त किया गया है।

तीन स्टेज, मास्टर मॉनिटरिंग भी

कॉल सेन्टर पर दर्ज शिकायत के निस्तारण के लिए तीन स्टेज तय किए गए है। पहले स्टेज में तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं होने पर उसी अनुभाग के उच्च अधिकारी तक यह सूचना पहुंच जाएगी। यहां भी निस्तारण नहीं होने पर अगले तीन बाद आयुक्त के पास पहुंच जाएगी। आयुक्त स्तर पर भी निस्तारण नहीं होने पर अंतिम स्टेज में महापौर के पास समस्या की सूचना जाएगी। वहीं महापौर हर पन्द्रह दिन बाद इस कॉल सेन्टर में प्राप्त सूचनाओं की मास्टर मॉनिटरिंग करेंगी।

महापौर ने बताया कि बीकानेर वासियों की आ रही समस्याओं एवं बीकानेर समाधान एप पर आ रही समस्याओं के निराकरण हेतु कॉल सेंटर बनाया गया है। जल्द ही इसकी विधिवत शुरुआत की जाएगी। अलग से शिकायत हेतु फोन नं. होने से शहरवासी नगर निगम से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए इस पर संपर्क कर पाएंगे जिससे शाहरवासियों को राहत मिलेगी। कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निगम के संसाधनों पर जीपीएस की सहायता से नजर रखी जाएगी। निगम बीकानेर समय से कदम मिलाकर चलने को तैयार है। नगर निगम को आगामी दिनों में बाकी शहरों की तरह तकनीकी रूप से और भी मजबूत किया जाएगा। प्रथम चरण में कॉल सेंटर सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक चालू रहेगा तथा भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे 24 घंटे चालू रखने का भी प्रावधान रखा गया है।

अगले महीने से ही इन कक्षाओं की स्कूलों को नियमित रूप से खोलने की तैयारी

बीकानेर बुलेटिन


बीकानेर। अब कोरोना के केस भी कम आ रहे है और वैक्सीन भी आ चुकी है। इसको देखते हुए विद्यार्थियों को मुख्य धारा में लाने के लिये सब कुछ ठीक ठाक होने पर अगले महीने से ही कक्षा 6 से 8 तक की स्कूलों को नियमित रूप से खोल दिएं जाएंगे। इस संदर्भ में शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ने संकेत दिये है। इस बारे में ग्रामीण इलाकों से भी स्कूलों को संचालित करने की मांग उठने लगी है। जिसको देखते हुए विभाग भी तैयारियों में जुट गया है। बताया जा रहा है कि फरवरी से मई तक नियमित कक्षाओं को लगाने के बाद जून में परीक्षा ली जा सकती है। ताकि बच्चों को अध्ययन का पूरा मौका मिले।

आज से नियमित लगेगी कक्षाएं

उधर सोमवार से एक बार फिर दस माह के अंतराल के बाद माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल में पढ़ रहे कक्षा 9 से 12 तक स्कूल शुरू हो गये। इन बच्चों को कोरोना गाइड लाइन के साथ स्कूल बुलाया गया है। जिन स्कूलों में बच्चों को बैठाने के लिए पर्याप्त कक्ष नहीं होंगे, वहां बच्चों को अलग-अलग बैच में बुलाया जा सकेगा।

Labels:

25 मुकदमों वाला नामी चोर जितेंद्र उर्फ जितिया गिरफ्तार

बीकानेर बुलेटिन




बीकानेर का कुख्यात चोर जितेंद्र उर्फ जीतू उर्फ जीतिया माली जेएनवीसी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। 25 मुकदमों वाले इस कुख्यात चोर ने जनवरी में लगातार दो वारदातें की। 

पहली वारदात 9 जनवरी की रात पीबीएम में की। यहां से आरोपी बोलेरो कैम्पर चुरा कर ले गया था। सीओ सदर डीवाईएसपी पवन भदौरिया को सूचना मिली तो तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी का पीछा किया। दुपहिया व चौपहिया मिलाकर कुल 8-10 पुलिस वाहनों के साथ भदौरिया ने पूरे गिन्नाणी की घेराबंदी कर ली। आखिरकार रोशनी घर चौराहे पर भदौरिया मय टीम ने बोलेरो को घेरकर रोक तो आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग निकला। पुलिस की त्वरित एक्शन से बोलेरो  चोरी होने से मात्र 45 मिनट के अंदर ही वापिस मिल गई। लेकिन इस कुख्यात चोर ने अगली ही रात यानी 10 जनवरी 2021 को रोहित सोनी के जयपुर रोड़ के समीप स्थित मोटर गैराज में हाथ साफ कर दिया। परिवादी ने दूसरे सुबह गैरेज संभाला तो वहां से हरियाणा नंबर की टाटा सफारी, एक इंवर्टर बैटरी, दो अन्य बैटरी व वैक्यूम क्लीनर गायब था। परिवादी ने जेएनवीसी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया तो मामले की गंभीरता देखते हुए एसपी प्रीति चंद्रा के निर्देशानुसार एएसपी आईपीएस शैलेन्द्र सिंह व सीओ पवन भदौरिया के सुपरविजन में थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज व उनि रूपाराम के नेतृत्व वाली टीम गठित की गई। टीमों तकनीकी सहायता व आसूचना के आधार पर चोरी हुई टाटा सफारी सहित जीतू को दबोच लिया। 
उल्लेखनीय है कि पुरानी गिन्नाणी निवासी आरोपी जीतिया मात्र 22 वर्ष का है। लेकिन उम्र से अधिक मुकदमें उस पर दर्ज हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार उस पर 25 मुकदमें शहर के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वहीं पूछताछ में कुछ और वारदातों का खुलासा भी संभव है। 

 

बता दें कि जीतिया को गिरफ्तार करने वाली टीम में उनि भंवरलाल, हैड कांस्टेबल साहबराम डूडी, हैड कांस्टेबल लक्ष्मण, कांस्टेबल राजेंद्र सिंह व कांस्टेबल रायमल शामिल थे।

Labels: ,