Skip to main content

कल दिवाली पर इस उत्तम मुहूर्त में करें गणेश-लक्ष्मी पूजन, जानें पूजा विधि, मंत्र

बीकानेर बुलेटिन



इस बार दीपावली पर दिन में पूजा के मुहूर्त नहीं है। 24 अक्टूबर को शाम 5 बजे के बाद से ही लक्ष्मी पूजा की जा सकेगी। क्योंकि कार्तिक अमावस्या इसी शाम को शुरू होगी और अगले दिन शाम 5 बजे तक रहेगी। लेकिन 25 को सूर्य ग्रहण रहेगा। इसलिए लक्ष्मी पूजा के मुहूर्त शाम और रात में ही रहेंगे।

2000 साल बाद दीपावली पर बुध, गुरु, शुक्र और शनि खुद की राशि में रहेंगे। साथ ही लक्ष्मी पूजा के समय पांच राजयोग भी रहेंगे। ये ग्रह योग सुख-समृद्धि और लाभ का संकेत दे रहे हैं। इसलिए इस बार दिवाली बहुत शुभ रहेगी।

सबसे पहले जानिए लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ समय...
घर - 
  • शाम 5:40 से 6:25 तक
  • शाम 7:15 से रात 9:32 तक
  • रात 11:43 से 12:40 तक
दुकान-
  • शाम 5:15 से 7:15 तक
  • रात 8:05 से 9:05 तक
  • रात 10:34 से 12:11 तक
ऑफिस-
  • शाम 6:05 से 7:32 तक
  • रात 7:50 से 8:40 तक
  • रात 10:34 से 12:11 तक 
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 06 बजकर 53 मिनट से रात 08 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन की कुल अवधि 01 घंटा 23 मिनट की है।

दिवाली पूजा ऐसे करें

1. पानी के लोटे में गंगाजल मिलाएं। वो पानी कुशा या फूल से खुद पर छिड़कर पवित्र हो जाएं।
2. पूजा में शामिल लोगों को और खुद को तिलक लगाकर पूजा शुरू करें।
3. पहले गणेश, फिर कलश उसके बाद स्थापित सभी देवी-देवता और आखिरी में लक्ष्मी पूजा करें।

गणेश पूजा की सरल विधि

ॐ गं गणपतये नम: मंत्र बोलते हुए गणेश जी को पानी और पंचामृत से नहलाएं। पूजन सामग्री चढ़ाएं। नैवेद्य लगाएं। धूप-दीप दिखाएं और दक्षिणा चढ़ाएं।

बहीखाता और सरस्वती पूजा

फूल-अक्षत लेकर सरस्वती का ध्यान कर के आह्वान करें। ऊँ सरस्वत्यै नम: बोलते हुए एक-एक कर के पूजन सामग्री देवी की मूर्ति पर चढ़ाएं। इसी मंत्र से पेन, पुस्तक और बहीखाता की पूजा करें। इसके बाद विष्णु पूजा करें।

विष्णु पूजा की विधि

मंत्र - ॐ विष्णवे नम:

भगवान विष्णु की मूर्ति को पहले पानी फिर पंचामृत से नहलाएं। शंख में पानी और दूध भर के अभिषेक करें। फिर कलावा, चंदन, अक्षत, अबीर, गुलाल और जनेऊ सहित पूजन सामग्री चढ़ाएं। इसके बाद हार-फूल और नारियल चढ़ाएं। मिठाई और मौसमी फलों का नैवेद्य लगाएं। धूप-दीप दिखाएं और दक्षिणा चढ़ाकर प्रणाम करें।

दीपक पूजन

मंत्र - ॐ दीपावल्यै नम:

1. एक थाली में 11, 21 या उससे ज्यादा दीपक जलाकर लक्ष्मी जी के पास रखें।
2. फूल और कुछ पत्तियां हाथ में लें। साथ में पूजन सामग्री भी लें।
3. मंत्र बोलते हुए फूल पत्तियां चढ़ाते हुए दीपमालिकाओं की पूजा करें।
4. दीपक की पूजा कर संतरा, ईख और धान चढ़ाएं।
5. धान भगवान गणेश, महालक्ष्मी और सभी देवी-देवताओं को भी अर्पित करें।


Comments

Popular posts from this blog

बीकानेर: SP मेडिकल कॉलेज चौराहे से कबूतर पकड़ भाग रहे नगर निगम ट्रैक्टर को युवाओं ने घेरा; चलते वाहन पर कूदे, 4-5 बेजुबान आजाद

India-FirstNews ​— जागरूक युवाओं का साहसिक कदम: चुगाघर से जाल डालकर कबूतर ले जा रहे ट्रैक्टर का पीछा कर गंगानगर सर्किल पर ट्रैफिक पुलिस की मदद से रुकवाया। — चलते ट्रैक्टर पर लगाई छलांग: जीव प्रेमी विकाश बिश्नोई ने जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर रोका; कैद में मौजूद कबूतरों को सकुशल कराया मुक्त। — सदर थाने में मुकदमा दर्ज: रक्तवीर सेवा संस्था व जीव रक्षा संरक्षण टीम ने पशु क्रूरता व वन्यजीव अधिनियम में दर्ज कराई FIR। — कलेक्टर व निगम उपायुक्त को ज्ञापन: दोषी कर्मचारी को बर्खास्त करने व ट्रैक्टर (RJ07RF9737) को सीज करने की रखी मांग। ​ बीकानेर, 04 अगस्त।  बीकानेर शहर में जीव दया और इंसानियत की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। एसपी मेडिकल कॉलेज चौराहे पर स्थित पवित्र पक्षी चुगाघर से अवैध रूप से बेजुबान कबूतरों को पकड़कर ले जा रहे नगर निगम के ट्रैक्टर को जागरूक युवाओं ने साहस दिखाते हुए गंगानगर सर्किल पर घेर लिया। युवाओं ने ना सिर्फ ट्रैक्टर को रुकवाया बल्कि उसमें कैद बेजुबान कबूतरों को भी सकुशल मुक्त कराया। ​ चलते ट्रैक्टर पर छलांग लगाकर रोका वाहन ​घटना रविवार दोपहर की है। नगर निगम ...

पेड़ों को काटकर पैदल पथ का निर्माण अनुचित? करुणा इंटरनेशनल के प्रतिनिधि मिले जिला कलक्टर से, जताया विरोध

बीकानेर बुलेटिन SFA  बीकानेर@ राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज, बीकानेर के चारों ओर लगे वृक्षों को नहीं काटे जाने की मांग करुणा इंटरनेशनल संस्था, बीकानेर ने जिला कलक्टर, बीकानेर से की है।   संस्था के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलक्टर से मिलकर पेड़ नहीं काटने हेतु अनुरोध किया है। संस्था द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि करुणात्मक दृष्टि रखते हुए एक भी वृक्ष नहीं काटा जाना चाहिए।  राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज, बीकानेर के चारों ओर स्थानीय व्यक्तियों, विद्यार्थियों, विभिन्न विभागों द्वारा, समय-समय पर सैंकड़ों वृक्ष लगाकर हरियाली की गई थी। दसियों वर्षों की साधना से यह परिक्षेत्र अब हरा-भरा हुआ है। इन पेड़ों पर हजारों बेजुबान पक्षियों का आसरा भी है। राहगीरों के चलने पर ठंडी छांव भी यही पेड़ निशुल्क देते हैं। ज्ञापन में सवाल किया गया है कि पैदल पथ या अन्य प्रयोजन के लिए इन पेड़ों को काटने की अनुमति किसने, क्यों और क्या सोचकर दी ? एक ओर जहां विश्व भर में आक्सीजन के लिए त्राहि - त्राहि मची हुई है, वहीं दूसरी ओर आपके नाक के नीचे पैदल पथ या साईकिल पथ के नाम पर आक्सीजन दाता सैंकड़ों ...

आखातीज पे आप भी ले कोरोना को हराने की शपथ, मिलेगा सर्टिफिकेट देखे लिंक

बीकानेर बुलेटिन बीकानेर।@ बीकानेर स्थापन दिवस को तकनीक के साथ घर बैठकर मनाने तथा कोरोना महामारी से सतर्क व सावधानियां बरतने की शपथ लेने के लिए डॉ चन्द्रशेखर श्रीमाली तथा अक्षय आचार्य ने स्मार्ट बीकानेर डॉट कॉम वेबसाइट का निर्माण किया है।इस वेबसाइट से बीकानेरवासियों से बीकानेर स्थापना दिवस पर शपथ लेने और दूसरों को लेने के लिये प्रेरित करने का निवेदन किया गया है।अक्षय ने बताया कि इसके लिए कोई भी बीकानेरवासी डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट स्मार्टबीकानेर डॉट कॉम पर लॉग ऑन ( www.smartbikaner.com ) करके अपना नाम और फ़ोटो सबमिट करते ही शपथ पत्र तैयार हो कर मिल जायेगा। डॉ चन्द्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि इस वेबसाइट के निर्माण का उद्देश्य है कि बीकानेर वासी इस कोरोना काल मे अपने शहर के स्थापना दिवस को डिजिटल माध्यम से मनाये साथ ही कोरोना महामारी से सतर्क व सावधानियां बरतने की शपथ तकनीक के साथ लेकर लोगो को जागरूक करे।