Skip to main content

घर पर है पाँच साल तक का बच्चा तो रविवार को है महाअभियान,पढ़े ये खबर

बीकानेर बुलेटिन



उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान रविवार को

1,554 बूथों पर 6 हजार टीकाकर्मी सवा 4 लाख बच्चों को पिलाएंगे 2 बूँद जिंदगी की

जागरूकता रथों से गली-गली अपील जारी

ये खुराक़ हर अभियान में हर बार पिलानी जरूरी : डॉ अबरार

बीकानेर, 17 सितम्बर। पोलियो से देश के भविष्य की रक्षा के लिए प्रदेश के साथ जिले मे पल्स पोलियो बूथों पर रविवार 18 सितम्बर को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिला कर उप राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान पूरे जोर-शोर के साथ चलाया जाएगा। अभियान का जिला स्तरीय उद्घाटन जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल एसडीएम जिला अस्पताल स्थित बूथ पर बच्चों को बाई वेलेंट ओरल पोलियो वेक्सीन पिला कर करेंगे। 

अभियान में बूथ कवरेज बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य भवन से आरसीएचओ डॉ राजेश कुमार गुप्ता ने जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ पूरे अभियान के दौरान शहरी क्षेत्र में माईकिंग द्वारा आमजन को प्रेरित करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर डॉ बिंदु गुप्ता, डॉ विवेक गोस्वामी, डॉ  मनुश्री सिंह, नेहा शेखावत, डॉ सुनील हर्ष, डॉ अब्दुल रशीद, दाऊ लाल ओझा आदि मौजूद रहे। इसी प्रकार जिलेभर में डिपो वार माइकिंग द्वारा गली-गली बच्चों को पोलियो से बचाने की अपील जारी की गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहम्मद अबरार पंवार ने बताया कि इस बार पल्स पोलियो महाभियान में जिले के जन्म से 5 वर्ष तक के करीब 4 लाख 24 हजार बच्चों को पोलियो वैक्सीन पिलाने का लक्ष्य निर्धारित है। अभियान की सम्पूर्ण तैयारियां कर ली गई है। जिले मे वैक्सीन डिपो द्वारा कोल्ड चैन मेन्टेन रखते हुए वैक्सीन आपूर्ति की जाएगी। अभियान की सफलता के लिए नर्सिंग कॉलेज, रोटरी क्लब, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्काउट गाइड व स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। समस्त प्रमुख बस स्टेंडों और रेलवे स्टेशन पर बच्चों को पोलियो वैक्सीन पिलाने के लिए ट्रांजिट टीम और स्लम-कच्ची बस्तियों, ढाणियों, घूमंतु जाति, रोड साइड कन्स्ट्रक्शन साइट जैसे हाई रिस्क एरिया के लिये मोबाइल टीमों का गठन भी किया गया है। 

अभियान के नोडल अधिकारी डा. राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पल्स पोलियों महा अभियान के तहत 18 सितम्बर को जिले में 1,554 बूथ, 67 ट्रांजिट टीम, 94 मोबाइल टीम्स, 322 सुपरवाइजर व 6 हजार से अधिक वैक्सीनेटर्स की सहायता से 4,24,000 बच्चों को बाईवेलेंट पोलियो वैक्सीन पिलाई जाएगी। 126 हाई रिस्क एरिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

पोलियो मुक्त भारत में भी क्यों है जरूरी पोलियो वैक्सीन ?
डॉ. अबरार ने बताया कि देश में पोलियो का अंतिम रोगी 13 जनवरी, 2011 को पश्चिम बंगाल में पाया गया। लगातार 3 वर्षों तक पोलियो मुक्त रहने पर 27 मार्च, 2014 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत देश को पोलियो मुक्त घोषित किया। भारत के पड़ौसी देशों में पोलियो के केसेज होने के कारण राजस्थान तथा देश में पोलियो का पुनः संक्रमण होने का खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होने बताया कि ये खुराक़ हर अभियान में हर बार पिलानी जरूरी है चाहे पहले दवा पिला रखी है। उन्होने जनता से आह्वान किया कि सभी माता-पिता और परिजन अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने बूथ पर अवश्य लेकर आएं और दूसरों को भी प्रेरित करें ।

Comments

Popular posts from this blog

बीकानेर: SP मेडिकल कॉलेज चौराहे से कबूतर पकड़ भाग रहे नगर निगम ट्रैक्टर को युवाओं ने घेरा; चलते वाहन पर कूदे, 4-5 बेजुबान आजाद

India-FirstNews ​— जागरूक युवाओं का साहसिक कदम: चुगाघर से जाल डालकर कबूतर ले जा रहे ट्रैक्टर का पीछा कर गंगानगर सर्किल पर ट्रैफिक पुलिस की मदद से रुकवाया। — चलते ट्रैक्टर पर लगाई छलांग: जीव प्रेमी विकाश बिश्नोई ने जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर रोका; कैद में मौजूद कबूतरों को सकुशल कराया मुक्त। — सदर थाने में मुकदमा दर्ज: रक्तवीर सेवा संस्था व जीव रक्षा संरक्षण टीम ने पशु क्रूरता व वन्यजीव अधिनियम में दर्ज कराई FIR। — कलेक्टर व निगम उपायुक्त को ज्ञापन: दोषी कर्मचारी को बर्खास्त करने व ट्रैक्टर (RJ07RF9737) को सीज करने की रखी मांग। ​ बीकानेर, 04 अगस्त।  बीकानेर शहर में जीव दया और इंसानियत की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। एसपी मेडिकल कॉलेज चौराहे पर स्थित पवित्र पक्षी चुगाघर से अवैध रूप से बेजुबान कबूतरों को पकड़कर ले जा रहे नगर निगम के ट्रैक्टर को जागरूक युवाओं ने साहस दिखाते हुए गंगानगर सर्किल पर घेर लिया। युवाओं ने ना सिर्फ ट्रैक्टर को रुकवाया बल्कि उसमें कैद बेजुबान कबूतरों को भी सकुशल मुक्त कराया। ​ चलते ट्रैक्टर पर छलांग लगाकर रोका वाहन ​घटना रविवार दोपहर की है। नगर निगम ...

मौसम सुहाना:बीकानेर सहित कई जिलों आंधी के बाद बारिश

बीकानेर बुलेटिन बीकानेर मानसून को आने में अभी तीन हफ्ते से ज्यादा का समय बचा है, पर प्री मानसून से प्रदेश के अधिकांश हिस्से तरबतर हो रहे हैं। शुक्रवार सुबह हिल स्टेशन माउंट आबू की नक्की झील व आसपास के एरिया में बादलों की आवाजाही रही। जैसलमेर में मचाई थी तबाही इससे पहले राजस्थान में बीते दो-तीन दिनों से अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश और आंधी चलने का दौर जारी है। गुरुवार रात पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में आए अंधड़ ने जमकर तबाही मचाई। करीब 70KM की गति से आए इस अंधड़ से कई पेड़ धराशायी हो गए और कच्चे मकानों के टीन शेड-छप्पर उड़ गए। पूरे जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में सैकड़ों बिजली के पोल गिरने व उन पर लगे तार टूटने की शिकायते आई हैं। बताया जा रहा है कि पिछले माह अरब सागर से आए ताऊ-ते तूफान में जितनी गति से आंधी चली थी, उससे भी ज्यादा तेज आंधी चली। पूरा शहर देर रात धूल के गुबार से ढंक गया। इस तूफान का असर बाड़मेर में भी देखने को मिला। बाड़मेर में भी गुरुवार को तेज गति से हवाएं चलीं। बीकानेर में उमस से राहत बीकानेर में सुबह से बादल छाए हुए हैं और हल्की गति से हवा चल रही है। बीकानेर में गुरुवार रात न्...

मोबाईल की बैटरी फटने से झौपड़े में लगी आग, दो नवजात बच्चे और एक युवक आग में झुलसे

बीकानेर बुलेटिन बीकानेर। जिले की नजदीकी लूणकरणसर तहसील के हंसेरा में एक ढाणी के झूंपे (खींप से बनी झोंपड़ी ) के अंदर चार्जिंग पर लगे मोबाइल की बैटरी में ब्लास्ट होने से 3 महीने की एक बच्चे सहित तीन जने झुलस गए। जिनका उपचार बीकानेर में किया जा रहा है। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बैटरी में ब्लास्ट से घर में आग लग गई और काफी सामान भी जलकर राख हो गया। इसमें सोने-चांदी के जेवर भी बताए जा रहे हैं। घटना के समय घर के अंदर 2 बच्चे सो रहे थे। तीन महीने की बच्ची की हालत गंभीर है। वह 35 प्रतिशत तक झुलसी है। दोनों बच्चों को बचाने में एक युवक के दोनों हाथ झुलस गए हैं। हंसेरा में रहने वाले सोहन राम मेघवाल के दो जवाई मुकेश और रमेश हैं। ये दोनों सगे भाई हैं। दोनों जवाई फसल कटाई के लिए आए थे। शनिवार सुबह परिवार सहित दोनो जमाई ढाणी से कुछ दूरी पर स्थित खेत में फसल काट रहे थे। मुकेश और रमेश की बहन सुलोचना भी साथ आई हुई थी। ढाणी के पास ही बने झोपड़े में पुराने मोबाइल चार्ज पर लगे थे। सुलोचना ढाणी में खाना बना रही थी। ढाणी के झोपड़े से अचानक एक 4 वर्ष का बच्चा दौड़ते हुए बाहर आया।...