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दुर्लभ रक्तसमुह अंजुम ने किया 11वीं बार रक्तदान

बीकानेर बुलेटिन





रक्त देने से बचती है लोगो की जान तभी तो कहते हैं रक्तदान है महादान। अगर बात जब रक्तदान सेवा की आती है तो रक्तदान करने के लिए बढ़चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए। आपका 2 मिनट का रक्तदान किसी का जीवन भर का चिराग जला देता है जो उसके घर को जीवन भर उज्जवल कर देता है।


टीम फ़िक़्र ए मिल्लत ब्लड हेल्पलाइन सोसायटी के महासचिव बंटी गौरी ने बताया कि टीम फ़िक़्र ए मिल्लत अंजुम मुग़ल का बहुत बहुत आभार व्यक्त करती है जो मदद के समय हमेशा तैयार रहते हैं और टीम फिक्र-ए-मिल्लत का एक मजबूत स्तम्भ भी हैं।

टीम फ़िक़्र-ए-मिल्लत के उपाध्यक्ष अब्दुल कदीर गौरी ने बताया कि अंजुम मुगल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हाजी गुलाम मुस्तफा (बाबू भाई ) के सुपुत्र हैं! अल्लाह ने चाहकर अंजुम को दुर्लभ रक्तसमुह दिया है जो बहुत ही कम लोगो मे पाया जाता है। जब भी किसी दुर्लभ रक्त समूह के जरूरतमंद को मदद की आवश्यकता पड़ी है तब-तब अंजुम मुगल हमेशा आगे आये हैं और अंजुम का कहना है कि वह 10 बार पहले रक्तदान कर चुके हैं, आवश्यकता पड़ने पर किसी के घर का चिराग जलाने आज फिर टीम फिक्र ए मिल्लत की जानिब से 11 वीं बार रक्तदान किया है। जब भी किसी जरूरतमंद को मदद की आवश्यकता हो मैं हमेशा तैयार रहूंगा। क्योंकि रक्तदान ही सच्ची सेवा है।


बता दें कि टीम फ़िक़्र-ए-मिल्लत रक्तदान सेवा में हमेशा अग्रणी रही है जो सामाजिक कुरीतियां और भेदभाव की रणनीति को तहस-नहस करते हुए रिश्तो की नई इबारतों को छू रही है।

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