Skip to main content

राजस्थान: 1 जून से अनलॉक की प्रक्रिया होगी शुरू, कम एक्टिव केसों वाले जिलों को ही मिलेगी छूट

बीकानेर बुलेटिन





राजस्थान सरकार ने राज्य में बढ़ते केसों को देखते हुए 8 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया है. साथ ही सरकार 1 जून से लोगों को थोड़ी राहत भी देने जा रही है. दरअसल 1 जून से कुछ सेक्टर को अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. अनलॉक प्रोसेस सबसे पहले उन जिलों से शुरू किया जाएगा. जहां कोरोना के केस कम हैं. जिलों में सबसे पहले ऐसी दुकानों को संचालन की परमीश्न दी जाएगी जहां भीड़ होने के चांस बहुत कम होते हैं. इसी के ही साथ कुछ दुकानों के साथ बाजार खोलने की अनुमति भी दी जाएगी.

प्रदेश में अनलॉक प्रक्रिया के लिए गृह विभाग अलग से गाइडलाइन जारी करेगा. बता दें कि गृह विभाग की नई गाइडलाइन में अनलॉक प्रकिया शुरू करने का जिक्र है.

कई व्यापारिक संगठनों ने की दु​कानें खोलने की मांग

बीते 17 अप्रैल से ही प्रदेश के बाजार बंद हैं. इन दिनों केवल प्रदेश में मेडिकल, किराना, फल सब्जी और दूध की दुकाने ही खुली हैं. इतने दिनों से बाजार के बंद रहने से व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है. जिसको देखते हुए कई व्यापारिक संगठनों ने दु​कानें खोलने की मांग की है. छोटे व्यापारियों और किराए की दुकान वालों के सामने सबसे ज्यादा दिक्कत है. कर्ज लेकर कारोबार करने वालों को किस्तें चुकाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

जिन इलाकों में संक्रमण की दर कम है, वहां छूट दी जाएगी
अनलॉक के दौरान उन्ही जिलों को छूट मिलेगी जहां एक्टिव केसों की संख्या एक हजार से कम है. बता दें कि जालौर, प्रतापगढ़, धौलपुर, बांसवाड़ा ऐसे जिले हैं जहां एक्टिव केस हजार से कम है. इसी के ही साथ उन जिलों में भी छूट दी जाएगी जहां का रिकवरी रेट पहले के मुकाबले बढ़ा है. सरकार को उम्मीद है इस हफ्ते में रिकवरी रेट और बढ़ेगा. ऐसे में बहुत से जिलों में हालात सामान्य होने के आसार हैं. इसलिए अनलॉक की शुरूआत वाले जिलों की संख्या दर्जन भर से ज्यादा होना तय है.

मनरेगा के काम फिर होंगे शुरू

काफी समय से गांव में बंद पड़े मनरेगा के काम फिर से शुरू किए जाएंगे. ग्रामीण विकास विभाग जल्द ही इसके लिए गाइडलाइन जारी करेगा. सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ ही काम को शुरू किया जाएगा.

पहले फेज में केवल कम भीड़ की संभावना वाली दुकानों को ही खोला जाए। जहां पर कोरोना केस कम हैं वहां कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए पूरी सावधानी बरतते हुए दुकानें और कमिर्शियल एक्टिविटी को मंजूरी दी जा सकती है ताकि जीविका भी चलती रहे।

गर्मी के सीजन को देखते हुए इलेक्ट्रोनिक्स की दुकानों को खोलने की मंजूरी

गर्मी के सीजन को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की दुकानों को खोलने की मंजूरी तय है। इनके साथ पंखा, ्रष्ट, कूलर रिपेयरिंग की दुकानों को भी अनुमति मिलना तय है। कई व्यापारिक संगठन भी इसकी मांग कर रहे थे।

Comments

Popular posts from this blog

बीकानेर: SP मेडिकल कॉलेज चौराहे से कबूतर पकड़ भाग रहे नगर निगम ट्रैक्टर को युवाओं ने घेरा; चलते वाहन पर कूदे, 4-5 बेजुबान आजाद

India-FirstNews ​— जागरूक युवाओं का साहसिक कदम: चुगाघर से जाल डालकर कबूतर ले जा रहे ट्रैक्टर का पीछा कर गंगानगर सर्किल पर ट्रैफिक पुलिस की मदद से रुकवाया। — चलते ट्रैक्टर पर लगाई छलांग: जीव प्रेमी विकाश बिश्नोई ने जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर रोका; कैद में मौजूद कबूतरों को सकुशल कराया मुक्त। — सदर थाने में मुकदमा दर्ज: रक्तवीर सेवा संस्था व जीव रक्षा संरक्षण टीम ने पशु क्रूरता व वन्यजीव अधिनियम में दर्ज कराई FIR। — कलेक्टर व निगम उपायुक्त को ज्ञापन: दोषी कर्मचारी को बर्खास्त करने व ट्रैक्टर (RJ07RF9737) को सीज करने की रखी मांग। ​ बीकानेर, 04 अगस्त।  बीकानेर शहर में जीव दया और इंसानियत की एक अनोखी मिसाल सामने आई है। एसपी मेडिकल कॉलेज चौराहे पर स्थित पवित्र पक्षी चुगाघर से अवैध रूप से बेजुबान कबूतरों को पकड़कर ले जा रहे नगर निगम के ट्रैक्टर को जागरूक युवाओं ने साहस दिखाते हुए गंगानगर सर्किल पर घेर लिया। युवाओं ने ना सिर्फ ट्रैक्टर को रुकवाया बल्कि उसमें कैद बेजुबान कबूतरों को भी सकुशल मुक्त कराया। ​ चलते ट्रैक्टर पर छलांग लगाकर रोका वाहन ​घटना रविवार दोपहर की है। नगर निगम ...

पेड़ों को काटकर पैदल पथ का निर्माण अनुचित? करुणा इंटरनेशनल के प्रतिनिधि मिले जिला कलक्टर से, जताया विरोध

बीकानेर बुलेटिन SFA  बीकानेर@ राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज, बीकानेर के चारों ओर लगे वृक्षों को नहीं काटे जाने की मांग करुणा इंटरनेशनल संस्था, बीकानेर ने जिला कलक्टर, बीकानेर से की है।   संस्था के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलक्टर से मिलकर पेड़ नहीं काटने हेतु अनुरोध किया है। संस्था द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि करुणात्मक दृष्टि रखते हुए एक भी वृक्ष नहीं काटा जाना चाहिए।  राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज, बीकानेर के चारों ओर स्थानीय व्यक्तियों, विद्यार्थियों, विभिन्न विभागों द्वारा, समय-समय पर सैंकड़ों वृक्ष लगाकर हरियाली की गई थी। दसियों वर्षों की साधना से यह परिक्षेत्र अब हरा-भरा हुआ है। इन पेड़ों पर हजारों बेजुबान पक्षियों का आसरा भी है। राहगीरों के चलने पर ठंडी छांव भी यही पेड़ निशुल्क देते हैं। ज्ञापन में सवाल किया गया है कि पैदल पथ या अन्य प्रयोजन के लिए इन पेड़ों को काटने की अनुमति किसने, क्यों और क्या सोचकर दी ? एक ओर जहां विश्व भर में आक्सीजन के लिए त्राहि - त्राहि मची हुई है, वहीं दूसरी ओर आपके नाक के नीचे पैदल पथ या साईकिल पथ के नाम पर आक्सीजन दाता सैंकड़ों ...

आखातीज पे आप भी ले कोरोना को हराने की शपथ, मिलेगा सर्टिफिकेट देखे लिंक

बीकानेर बुलेटिन बीकानेर।@ बीकानेर स्थापन दिवस को तकनीक के साथ घर बैठकर मनाने तथा कोरोना महामारी से सतर्क व सावधानियां बरतने की शपथ लेने के लिए डॉ चन्द्रशेखर श्रीमाली तथा अक्षय आचार्य ने स्मार्ट बीकानेर डॉट कॉम वेबसाइट का निर्माण किया है।इस वेबसाइट से बीकानेरवासियों से बीकानेर स्थापना दिवस पर शपथ लेने और दूसरों को लेने के लिये प्रेरित करने का निवेदन किया गया है।अक्षय ने बताया कि इसके लिए कोई भी बीकानेरवासी डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट स्मार्टबीकानेर डॉट कॉम पर लॉग ऑन ( www.smartbikaner.com ) करके अपना नाम और फ़ोटो सबमिट करते ही शपथ पत्र तैयार हो कर मिल जायेगा। डॉ चन्द्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि इस वेबसाइट के निर्माण का उद्देश्य है कि बीकानेर वासी इस कोरोना काल मे अपने शहर के स्थापना दिवस को डिजिटल माध्यम से मनाये साथ ही कोरोना महामारी से सतर्क व सावधानियां बरतने की शपथ तकनीक के साथ लेकर लोगो को जागरूक करे।