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शुद्ध के लिए युद्ध कैसे! जब मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री बिक चुकी होंगी तब लेंगे सुध

बीकानेर बुलेटिन



बीकानेर। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व दशहरा आ गया है। फेस्टिव सीजन परवान चढ़ रहा है। मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा अब तक सुस्त है। मावे की सबसे बड़ी मंडी बीकानेर जिले में मिलावट की बुराई पर जीत का अब तक कोई अभियान शुरू नहीं हुआ है। वजह यह है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं है। पहले जो थे उनका तबादला हो गया। नए आए जो अभी बाड़मेर गए हुए हैं। वे आएंगे तो दशहरा बाद शुद्ध के लिए युद्ध अभियान शुरू करने की उम्मीद की जा सकती है। संभागीय मुख्यालय पर ऐसे हाल तब हैं जब लम्पी के बाद दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थों की कमी चल रही है। करीब एक महीने पहले जिला प्रशासन की सक्रियता से जिले में नकली दूध बनाने की फैक्ट्री भी पकड़ी जा चुकी है। अब अभियान शुरू होगा तो सैंपल की रिपोर्ट दिवाली के आसपास तब मिलेगी जब उसकी खपत हो चुकी होगी।

दूसरे शहरों में पहुंच गई बीकानेर की मिठाइयां

दीपावली पर दूध एवं मावे की बिक्री भी अधिक होती है। पिछले साल विभाग ने कई दुकानों, मिठाई के कारखानों एवं मावा रखने के कोल्ड स्टोरेज पर छापेमारी की थी। गत वर्ष दीपावली से एक माह पहले ही अभियान शुरू कर दिया गया था। इस बार अभी तक कोई विशेष अभियान चलाने को लेकर कोई दिशा निर्देश विभाग को नहीं मिले हैं। ऐसे में कई कारखानों में तो मिठाइयों की पैकिंग भी शुरू हो गई है। इन मिठाइयों को बाहर भी भेजा जा रहा है। क्योंकि दीपावली पर मांग अधिक बढ़ने के कारण एक साथ बाहर के व्यापारियों के ऑर्डर पूरे करने में दिक्कत होती है।

रिपोर्ट आने तक बिक जाता है दूध

खाद्य सुरक्षा अधिकारी सिर्फ सैंपल लेने की कार्रवाई करते हैं। अगर किसी दूध की दुकान से सैंपल लेंगे तो एक बोतल तक ही सैंपल लेते हैं। बाकी दूध को उसी दुकान में छाेड़ देते हैं। जब तक सैंपल के दूध की रिपोर्ट आती है, तब तक व्यापारी उस दूध काे बेच देता है। यही स्थिति मिठाइयों तथा अन्य खाद्य पदार्थ की दुकानों एवं कारखानों पर भी नजर आती है। अगर सैंपल की रिपोर्ट अमानक आ गई तो विभाग चालान काटने की कार्रवाई कर लेता है।

पिछली दिवाली से पहले लिए थे महज 59 सैंपल

मिलावट की रोकथाम को लेकर विभाग कितना सक्रिय है इसका अनुमान इस बात से लगा सकते हैं कि गत वर्ष दीपावली के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में महज 59 सैंपल ही लिए गए थे। ये 59 सैंपल भी दूध, मिठाई और मावा की दुकानों से लिए गए थे। इनमें दूध, मावा तथा रसगुल्ला सहित 6 सैंपल अमानक पाए गए थे। जबकि अन्य कई तरह के खाद्य पदार्थ खुले में बिकते हैं। जहां पर मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं।

श्राद्ध में खुली थी मिठाई की सैकड़ों अस्थाई दुकानें

श्राद्ध पक्ष में बीकानेर में मिठाइयों की अनगिनत अस्थाई दुकानें खुली थी। बड़ी मात्रा में मिठाइयों की बिक्री हुई थी, लेकिन कहीं पर भी सैंपल लेने की कार्रवाई नहीं की गई।

अनसेफ मिले थे सात नमूने

विभाग ने इस साल जनवरी से मार्च तक शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 250 सैंपल लिए गए थे। इसमें से 58 सैंपल अमानक पाए गए थे। इसमें 32 सब स्टैंडर्ड, 19 मिसब्रांड तथा सात अनसेफ मिले थे

खाद्य सुरक्षा अधिकारी आने के बाद शुरू होगा अभियान

खाद्य सुरक्षा अधिकारी का तबादला हो गया था। उसकी जगह दूसरे ने जॉइन कर लिया है। लेकिन अभी वे बाड़मेर गए हुए हैं। उनके आने के बाद अभियान शुरू किया जाएगा। ऐसी संभावना है कि दशहरे के बाद अभियान प्रारंभ होगा।

-डॉ. मोहम्मद अबरार पंवार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीकानेर

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